उज्जैन स्थित श्री महाकालेश्वर मंदिर परिसर में श्रावण-भादौ मास की पारंपरिक शाही सवारी और नागपंचमी पर्व की तैयारियों को लेकर उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष एवं कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने की। बैठक में पुलिस अधीक्षक, नगर निगम आयुक्त, मंदिर प्रशासक सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। प्रशासन ने सभी विभागों को समयबद्ध तरीके से तैयारियां पूरी करने और श्रद्धालुओं की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
श्रावण में उमड़ेगी आस्था की भीड़, हर सोमवार निकलेगी शाही सवारी
बैठक में बताया गया कि इस वर्ष श्रावण मास 30 जुलाई से प्रारंभ होकर 7 सितंबर तक चलेगा। इस दौरान प्रत्येक सोमवार भगवान श्री महाकालेश्वर की पारंपरिक शाही सवारी पूरे धार्मिक वैभव के साथ निकाली जाएगी। वर्तमान में प्रतिदिन लगभग एक से डेढ़ लाख श्रद्धालु बाबा महाकाल के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं, जबकि श्रावण मास में यह संख्या कई गुना बढ़ने का अनुमान है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर व्यापक रणनीति तैयार की है।
वीआईपी दर्शन पर सख्ती, अधिकारियों को दिए विशेष निर्देश
कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने स्पष्ट निर्देश दिए कि श्रावण और नागपंचमी के दौरान किसी भी अधिकारी या कर्मचारी द्वारा वीआईपी दर्शन कराने का प्रयास नहीं किया जाएगा, ताकि आम श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। साथ ही ड्यूटी के दौरान मोबाइल फोन से फोटो और वीडियो बनाने से भी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बचने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन का उद्देश्य श्रद्धालुओं के लिए सुचारु, पारदर्शी और व्यवस्थित दर्शन व्यवस्था सुनिश्चित करना है।
सवारी मार्ग, पार्किंग और सुरक्षा व्यवस्थाओं पर विशेष फोकस
बैठक में पार्किंग क्षमता बढ़ाने, रामघाट क्षेत्र में बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित करने और महाकाल की शाही सवारी के निर्धारित मार्ग पर चल रहे सभी निर्माण कार्यों को 20 जुलाई तक हर हाल में पूरा करने के निर्देश दिए गए। बिजली विभाग को खुले बिजली के तारों को तत्काल सुरक्षित करने के लिए कहा गया, जबकि नगर निगम को सवारी मार्ग पर स्थित भवनों की छतों और बालकनियों पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए आवश्यक इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। प्रशासन किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचने के लिए सभी व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी करेगा।
16 जुलाई को होगा संयुक्त निरीक्षण, राष्ट्रीय कलाकार भी देंगे प्रस्तुति
कलेक्टर ने जानकारी दी कि 16 जुलाई को सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ शाही सवारी मार्ग का संयुक्त निरीक्षण किया जाएगा, ताकि अंतिम तैयारियों का मौके पर आकलन किया जा सके। इसके साथ ही इस वर्ष भगवान महाकाल की शाही सवारी को और अधिक भव्य एवं आकर्षक बनाने के लिए राष्ट्रीय स्तर के कलाकारों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी आयोजित की जाएंगी। प्रशासन का प्रयास है कि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और अविस्मरणीय धार्मिक अनुभव प्राप्त हो।
आस्था और सुरक्षा के संतुलन पर रहेगा प्रशासन का पूरा फोकस
श्रावण मास के दौरान उज्जैन देशभर के शिव भक्तों की आस्था का प्रमुख केंद्र बन जाता है। लाखों श्रद्धालुओं की मौजूदगी को देखते हुए प्रशासन सुरक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, यातायात और आपदा प्रबंधन की समन्वित व्यवस्था पर विशेष ध्यान दे रहा है। अधिकारियों का कहना है कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करेंगे, ताकि महाकाल की शाही सवारी पूरी गरिमा, परंपरा और सुरक्षा के साथ संपन्न हो तथा श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।