मध्यप्रदेश की तीसरी राज्यसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन मंगलवार को रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा खारिज कर दिया गया। यह फैसला भाजपा की आपत्ति के बाद लिया गया। भाजपा का आरोप था कि नामांकन पत्र में तेलंगाना के हैदराबाद स्थित एक न्यायालय में लंबित मामले की छिपाई गई थी।
क्या यही भाजपा का नारी वंदन है?
इस फैसले के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई। कांग्रेस के पूर्व विधायक प्रवीण पाठक ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा पर निशाना साधा और इसे नारी शक्ति वंदन से जोड़ते हुए सवाल उठाए। कहा क्या यही भाजपा का नारी वंदन है भाजपा में केवल डिग्री छिपाने की छूट है, लेकिन लोकतांत्रिक मुकाबले का साहस नहीं। जो पार्टी अपने नेताओं की शैक्षणिक सच्चाई पर सवालों से बचती रही हो, वह आज एक मजबूत महिला उम्मीदवार से भयभीत दिखाई दे रही है। महिलाओं के सम्मान की बातें मंचों पर और महिला नेतृत्व से डर मैदान में यही भाजपा की असल राजनीति है।
कांग्रेस ने आरोपों को बताया निराधार
वहीं कांग्रेस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सभी आरोपों को खारिज कर दिया। पार्टी का कहना है कि मीनाक्षी नटराजन के खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है और उन्हें केवल न्यायालय से एक नोटिस प्राप्त हुआ था। कांग्रेस ने कहा कि नामांकन रद्द करने का निर्णय गलत है और इसके खिलाफ अदालत का रुख किया जाएगा।
चुनाव आयोग के बाहर कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन
इसी बीच दिल्ली में कांग्रेस के राष्ट्रीय संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल के नेतृत्व में पार्टी प्रतिनिधिमंडल चुनाव आयोग पहुंचा। इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने आयोग के बाहर धरना प्रदर्शन भी किया और फैसले पर आपत्ति जताई।इस पूरे मामले के बाद मध्यप्रदेश से लेकर दिल्ली तक राजनीतिक हलचल तेज हो गई है और मामला अब कानूनी और राजनीतिक दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बन गया है।