मध्यप्रदेश के 15 जिलों में अगले कुछ घंटों के दौरान अचानक बाढ़ का खतरा जताया गया है। मौसम विभाग के अनुसार निचले इलाकों में पानी जमा होने की स्थिति बन सकती है।सीधी में 200 MM से ज्यादा बारिश होने का अनुमान है, जबकि पिछले 24 घंटे में मऊगंज में 154 MM बारिश रिकॉर्ड की गई है।
15 जिलों में अचानक बाढ़ का खतरा
मध्यप्रदेश में लगातार बारिश के बीच कई जिलों में अचानक बाढ़ की स्थिति बनने की चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार 3 सितंबर 2026 की सुबह 11:30 बजे तक प्रदेश के 15 जिलों में फ्लैश फ्लड का खतरा बना रह सकता है।इन जिलों में अनूपपुर, बालाघाट, डिंडोरी, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, रीवा, सिंगरौली, सीधी, उमरिया, जबलपुर, पन्ना, सतना और दमोह शामिल हैं।
अलर्ट वाले क्षेत्रों में खासतौर पर निचले इलाकों में सतह पर पानी जमा होने की स्थिति बन सकती है। ऐसे में नदी-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों के आसपास रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।
10 से ज्यादा जिलों में भारी बारिश के आसार
अगले कुछ घंटों में मध्यप्रदेश के 10 से अधिक जिलों में भारी बारिश होने का अनुमान है।इनमें सीधी जिले में 200 मिलीमीटर से ज्यादा बारिश होने की संभावना जताई गई है। भारी बारिश की वजह से पहले से जलभराव वाले क्षेत्रों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।
मऊगंज में 154 MM बारिश रिकॉर्ड
पिछले 24 घंटे के बारिश के आंकड़ों में मऊगंज जिले में सबसे ज्यादा 154 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई है। लगातार बारिश के चलते जिले में इस सीजन में अब तक 28.11 इंच बारिश हो चुकी है।हालांकि, पूरे सीजन के आंकड़ों के मुताबिक मऊगंज में अभी भी औसत से 11 फीसदी कम बारिश दर्ज हुई है। इसके बावजूद हालिया तेज बारिश ने स्थानीय स्तर पर जलभराव और अचानक बाढ़ का खतरा बढ़ा दिया है।
रीवा समेत इन जिलों में बढ़ सकती है परेशानी
फ्लैश फ्लड अलर्ट वाले जिलों में रीवा, मऊगंज, सीधी, सतना, मैहर और आसपास के क्षेत्रों में विशेष सतर्कता जरूरी है। भारी बारिश की स्थिति में निचले इलाकों में पानी तेजी से जमा हो सकता है।प्रशासन और स्थानीय लोगों के लिए आने वाले कुछ घंटे महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि मौसम विभाग ने अचानक बाढ़ की स्थिति बनने की संभावना जताई है।