भोपाल: मध्य प्रदेश में जनगणना के पहले चरण के तहत मकानों की गणना का कार्य पूरा हो गया है। जनगणना निदेशालय के 31 मई 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में 2 करोड़ 40 लाख 69 हजार 440 घरों की गणना की गई है, जो शुरुआती अनुमान से 2 लाख 36 हजार अधिक है। इस दौरान 38 हजार 827 ऐसे मकान भी मिले, जिन पर ताले लटके हुए थे और जिनके बारे में स्थानीय स्तर पर भी स्पष्ट जानकारी नहीं मिल सकी कि परिवार वहां से स्थायी रूप से जा चुका है या अस्थायी रूप से अनुपस्थित है।
अनुमान से ज्यादा निकले घर, जनगणना का पहला चरण पूरा
जनगणना विभाग द्वारा चलाए गए मकान गणना अभियान में प्रदेशभर के घरों तक पहुंचकर आंकड़े एकत्र किए गए। अधिकारियों के मुताबिक पहले चरण का डाटा लगभग तैयार हो चुका है और अब इसमें किसी प्रकार का बदलाव नहीं किया जाएगा। सभी जिलों से प्राप्त आंकड़ों को अंतिम रूप दे दिया गया है। अब अगला चरण फरवरी 2027 में शुरू होगा, जिसमें जनसंख्या गणना का काम किया जाएगा।
जबलपुर में सबसे ज्यादा बंद मकान, छतरपुर दूसरे स्थान पर
ताले लगे मकानों की संख्या सबसे अधिक जबलपुर जिले में दर्ज की गई है, जबकि दूसरे स्थान पर छतरपुर रहा। अधिकारियों का मानना है कि कुछ जिलों में पलायन की स्थिति और अन्य सामाजिक कारण भी बंद मकानों की संख्या बढ़ने की वजह हो सकते हैं। हालांकि कई मामलों में आसपास के लोग भी यह स्पष्ट नहीं कर सके कि मकान मालिक कहीं और बस गए हैं या सिर्फ घर खाली पड़ा हुआ है।
दोबारा सत्यापन के बाद कम हुए लॉक हाउस
सूत्रों के अनुसार शुरुआती रिपोर्ट में ताले लगे मकानों की संख्या 80 हजार से अधिक बताई गई थी। बाद में जिलों को दोबारा सत्यापन के निर्देश दिए गए। अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने को कहा गया कि मकान वास्तव में बंद हैं या उनमें कोई निवास नहीं कर रहा है। पुनः जांच के बाद यह संख्या घटकर 38 हजार 827 रह गई। अब इन्हीं आंकड़ों को अंतिम माना जा रहा है।
2011 के मुकाबले घटे बंद मकानों के आंकड़े
वर्ष 2011 की जनगणना में मध्य प्रदेश में 0.4 प्रतिशत मकान बंद मिले थे। इस बार यह आंकड़ा घटकर 0.16 प्रतिशत रह गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह सकारात्मक संकेत है और दर्शाता है कि अधिकांश मकानों में लोग निवास कर रहे हैं। इससे प्रदेश में आवासीय उपयोग की स्थिति बेहतर होने का संकेत मिलता है।
कई जिलों में नहीं मिले बंद मकान
जनगणना के आंकड़ों में कुछ ऐसे जिले भी सामने आए हैं जहां ताले लगे मकानों की संख्या बेहद कम रही। गुना जिले में एक भी बंद मकान दर्ज नहीं हुआ। वहीं कटनी में सिर्फ एक मकान पर ताला मिला। इसके अलावा रतलाम में 2, पांढुर्णा और खरगोन में 3-3, शाजापुर में 4, छिंदवाड़ा में 5, नरसिंहपुर में 6 और मंदसौर में 10 मकानों पर ताले मिले।
फरवरी 2027 में शुरू होगा दूसरा चरण
जनगणना निदेशालय अब दूसरे चरण की तैयारियों में जुट गया है। फरवरी 2027 से शुरू होने वाले इस चरण में प्रदेश की वास्तविक जनसंख्या, सामाजिक और आर्थिक आंकड़ों का संग्रह किया जाएगा। विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि पहले चरण के आंकड़ों में अब कोई संशोधन नहीं होगा और सभी संबंधित पोर्टल भी बंद कर दिए जाएंगे।