मध्य प्रदेश के 11 लाख से अधिक सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। डॉ. मोहन यादव सरकार जल्द ही राज्य में कैशलेस स्वास्थ्य बीमा योजना लागू करने की तैयारी में है। प्रस्ताव को अंतिम रूप दिया जा चुका है और संभावना है कि इसे जल्द कैबिनेट बैठक में मंजूरी के लिए रखा जा सकता है। यदि योजना को हरी झंडी मिलती है तो लाखों कर्मचारियों, अधिकारियों और पेंशनर्स को बड़ा लाभ मिलेगा।
6 साल बाद फिर आगे बढ़ा मामला
दरअसल, वर्ष 2019 में तत्कालीन कमलनाथ सरकार ने कर्मचारी स्वास्थ्य बीमा योजना लागू करने का फैसला किया था और इसे 1 अप्रैल 2020 से शुरू किया जाना था। लेकिन राजनीतिक घटनाक्रम के चलते सरकार बदल गई और योजना ठंडे बस्ते में चली गई। अब मुख्य सचिव अनुराग जैन की अध्यक्षता वाली वरिष्ठ सचिव समिति से मंजूरी मिलने के बाद इस योजना को फिर से अमलीजामा पहनाने की तैयारी तेज हो गई है। सूत्रों के मुताबिक, जल्द ही इसे कैबिनेट में लाया जा सकता है।
कर्मचारियों और पेंशनर्स को कितना मिलेगा लाभ?
प्रस्तावित योजना के तहत राज्य के नियमित कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी।
| श्रेणी | स्वास्थ्य बीमा कवर |
|---|---|
| सरकारी कर्मचारी एवं अधिकारी | ₹20 लाख तक |
| पेंशनभोगी | ₹5 लाख तक |
| ओपीडी, दवाइयां और मेडिकल उपकरण | ₹20 हजार प्रति वर्ष |
इसके अलावा इम्प्लांट और मेडिकल उपकरणों का खर्च CGHS पैकेज दरों के अनुसार कवर किया जाएगा।
परिवार के इन सदस्यों को भी मिलेगा फायदा
इस योजना का लाभ सिर्फ कर्मचारी या पेंशनभोगी तक सीमित नहीं रहेगा। उनके परिवार के सदस्य भी इसके दायरे में आएंगे।
पात्र सदस्य
पति या पत्नी
माता-पिता
आश्रित दो बच्चे
दत्तक बच्चे
तलाकशुदा पुत्री
आयुष्मान भारत की तर्ज पर बनेगा डिजिटल कार्ड
योजना का संचालन स्टेट हेल्थ एजेंसी द्वारा किया जाएगा। आयुष्मान भारत योजना की तरह प्रत्येक हितग्राही का फोटोयुक्त यूनिक डिजिटल हेल्थ कार्ड बनाया जाएगा, जिससे सूचीबद्ध अस्पतालों में कैशलेस इलाज कराया जा सकेगा। इसके लिए क्लेम प्रोसेसिंग, अस्पतालों की संबद्धता और हेल्थ पैकेज की निगरानी के लिए तकनीकी टीम और विशेष टास्क फोर्स का गठन भी किया जाएगा।
कर्मचारियों और पेंशनर्स को देना होगा प्रीमियम
प्रस्ताव के अनुसार योजना पूरी तरह निशुल्क नहीं होगी। इसके लिए कर्मचारियों से उनके मूल वेतन के आधार पर और पेंशनर्स से मासिक अंशदान (प्रीमियम) लिया जाएगा। हालांकि प्रीमियम की दरों को लेकर अंतिम निर्णय कैबिनेट की मंजूरी के बाद लिया जाएगा।
लाखों परिवारों को मिलेगा सीधा फायदा
अगर सरकार इस योजना को मंजूरी देती है तो राज्य के लगभग 11 लाख कर्मचारी, अधिकारी और पेंशनभोगी तथा उनके परिवारों को महंगे इलाज के खर्च से बड़ी राहत मिलेगी। लंबे समय से इस योजना का इंतजार कर रहे कर्मचारियों के लिए यह बड़ा तोहफा माना जा रहा है।