भोपाल। मध्यप्रदेश में इन दिनों ग्वालियर से सामने आया एक अनोखा मामला सुर्खियों में है, जहां एक परिवार ने अपने लापता पालतू तोते को खोजने वाले के लिए 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। इस घटना ने प्रदेश के उन पुराने दिलचस्प मामलों की भी याद दिला दी है, जिनमें तोते कभी परिवार का सदस्य बने, कभी YouTube चलाते नजर आए तो कभी बंद पिंजरे में अंडे देने की वजह से चर्चा में रहे।
ग्वालियर में लापता तोते की तलाश, 50 हजार का इनाम
ग्वालियर के विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र स्थित अलकापुरी में रहने वाले शशांक ओझा का पालतू तोता चार दिनों से लापता है। परिवार का कहना है कि यह सिर्फ एक पक्षी नहीं बल्कि घर का सदस्य है। तोते की तलाश के लिए पोस्टर लगाए गए हैं, वाहन से माइक पर घोषणा कराई जा रही है और उसे खोजने वाले को 50 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की गई है। तोते की पहचान उसके हरे रंग और सिर पर बने लाल-ग्रे निशान से की जा सकती है।
मामला 1: जबलपुर में 'बिट्टू' के लिए छपवाए गए थे पोस्टर
साल 2021 में जबलपुर के रांझी इलाके में रहने वाले सॉफ्टवेयर इंजीनियर अमन चौहान का पालतू तोता 'बिट्टू' अचानक गायब हो गया था। परिवार ने उसकी तलाश में अखबारों में विज्ञापन दिए, पर्चे छपवाए और 15 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया था। कोरोना काल में बिट्टू पूरे परिवार का साथी बन गया था, इसलिए उसके गुम होने से सभी बेहद परेशान हो गए थे।
मामला 2: बंद पिंजरे में मादा तोते ने दिए थे तीन अंडे
फरवरी 2020 में जबलपुर के ब्राह्मण मोहल्ला पुरवा में एक मादा तोते ने बिना नर तोते के संपर्क के पिंजरे में तीन अंडे दिए थे। इस घटना ने लोगों को चौंका दिया था। हालांकि वन्यजीव विशेषज्ञों ने बताया कि बिना निषेचन के अंडे देना पक्षियों में प्राकृतिक प्रक्रिया है और ऐसे अंडों से बच्चे पैदा नहीं होते।
मामला 3: YouTube देखने वाला 'स्मार्ट' तोता
जबलपुर के गौरीघाट रोड स्थित सुखसागर वैली में रहने वाले शर्मा परिवार का पालतू तोता अपनी अनोखी आदतों के कारण सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ था। परिवार के मुताबिक यह तोता मोबाइल का लॉक खोल लेता था, अपनी चोंच से YouTube चलाता था और वीडियो बदलना भी जानता था। उसका जन्मदिन भी परिवार हर साल धूमधाम से मनाता है।
तोता पालना कानूनी है या नहीं?
वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत भारत में अधिकांश देशी तोतों को पालतू बनाकर रखना प्रतिबंधित है। ऐसे पक्षियों का व्यापार या उन्हें घर में रखना कानूनी कार्रवाई का कारण बन सकता है। नियमों के उल्लंघन पर जुर्माना और जेल दोनों का प्रावधान है।