भोपाल। मध्यप्रदेश में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) ने संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों की तबादला प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सरल बनाने के लिए नया ऑनलाइन ट्रांसफर मॉड्यूल लागू किया है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए स्थानांतरण की पूरी प्रक्रिया अब डिजिटल माध्यम से संचालित की जाएगी, जिससे कर्मचारियों को कार्यालयों के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं होगी।
ऑनलाइन होगी पूरी तबादला प्रक्रिया
नई व्यवस्था के तहत संविदा अधिकारियों और कर्मचारियों के स्थानांतरण ऑनलाइन मॉड्यूल के माध्यम से किए जाएंगे। इससे प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी और समयबद्ध तरीके से तबादलों का निपटारा किया जा सकेगा।
दो चरणों में होंगे स्थानांतरण
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन द्वारा तैयार की गई कार्ययोजना के अनुसार तबादला प्रक्रिया दो चरणों में पूरी होगी। पहले चरण में ऐसे संविदा कर्मचारियों के अंतर-जिला (इंटर-डिस्ट्रिक्ट) तबादले किए जाएंगे, जो एक जिले से दूसरे जिले में स्थानांतरण चाहते हैं।इसके बाद दूसरे चरण में जिलों के भीतर होने वाले स्थानीय स्थानांतरण (इंट्रा-डिस्ट्रिक्ट ट्रांसफर) की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
कलेक्टर और सीएमएचओ को जारी किए निर्देश
स्थानांतरण प्रक्रिया को व्यवस्थित और निष्पक्ष बनाए रखने के लिए सभी जिला कलेक्टरों और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों (CMHO) को निर्देश जारी किए गए हैं। आदेश के अनुसार, राज्य स्तर पर अंतर-जिला तबादलों की प्रक्रिया पूरी होने तक किसी भी जिले में स्थानीय स्तर पर संविदा कर्मचारियों का तबादला या पदस्थापना परिवर्तन नहीं किया जाएगा।अगले आदेश तक जिला स्तर पर होने वाले तबादलों पर रोक लागू रहेगी।
दो वर्ष की सेवा पूरी करने वाले ही होंगे पात्र
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की अपर मिशन संचालक ने बताया कि इस वर्ष से ऑनलाइन ट्रांसफर मॉड्यूल को अनिवार्य रूप से लागू किया गया है और सभी आवेदन भी ऑनलाइन माध्यम से ही स्वीकार किए गए हैं।उन्होंने बताया कि स्थानांतरण नीति में स्पष्ट प्रावधान किया गया है कि जिन कर्मचारियों का पिछले दो वर्षों के भीतर तबादला हो चुका है, वे इस प्रक्रिया में शामिल नहीं हो सकेंगे।
पारदर्शिता पर विशेष जोर
एनएचएम ने यह भी स्पष्ट किया है कि नए नियुक्त कर्मचारियों को कम से कम दो वर्ष की सेवा पूरी करने के बाद ही स्थानांतरण के लिए पात्र माना जाएगा। विभाग का मानना है कि नई डिजिटल व्यवस्था से तबादला प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और सुविधाजनक बनेगी, जिससे कर्मचारियों को भी राहत मिलेगी।