भोपाल: मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी पारा लगातार चढ़ता जा रहा है। भाजपा और कांग्रेस दोनों ही अपने-अपने उम्मीदवारों की जीत सुनिश्चित करने के लिए रणनीति बना रहे हैं। इसी बीच कांग्रेस ने बड़ा कदम उठाते हुए अपने सभी विधायकों को बेंगलुरु शिफ्ट करने का फैसला किया है। पार्टी को क्रॉस वोटिंग की आशंका है, जिसके चलते 62 कांग्रेस विधायकों को विशेष फ्लाइट से कर्नाटक भेजा जा रहा है। दोपहर करीब 2 बजे सभी विधायक बेंगलुरु रवाना होंगे।
स्पेशल फ्लाइट से बेंगलुरु जाएंगे कांग्रेस विधायक
कांग्रेस ने स्टार एयरलाइंस का 72 सीटर विशेष विमान बुक किया है। सभी विधायक भोपाल एयरपोर्ट से बेंगलुरु के लिए रवाना होंगे। विधायक पहले नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के बंगले पर पहुंचे, जहां से वे अलग-अलग गाड़ियों से एयरपोर्ट पहुंचे।
उमंग सिंघार का बयान, भाजपा पर निशाना
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि सभी 62 विधायकों पर पार्टी को पूरा भरोसा है, लेकिन भाजपा की कथित तोड़-फोड़ की राजनीति को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। उन्होंने कहा कि पार्टी अपने विधायकों को सुरक्षित रख रही है और भाजपा को अपने विधायकों पर ध्यान देना चाहिए।
निर्मला सप्रे को लेकर भी बयान
उमंग सिंघार ने विधायक निर्मला सप्रे को लेकर कहा कि यदि उन्हें सदस्यता बनाए रखनी है तो कांग्रेस के साथ रहें, अन्यथा भाजपा के पक्ष में वोट करें। उन्होंने यह भी कहा कि वे किसी पार्टी बैठक में शामिल नहीं हुई हैं।
कांग्रेस की रणनीति बैठक के बाद फैसला
8 जून को दिनभर चली बैठकों और डिनर मीटिंग के बाद कांग्रेस ने यह फैसला लिया। पार्टी का लक्ष्य राज्यसभा चुनाव में अपने उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन की जीत सुनिश्चित करना है। कुछ वरिष्ठ विधायक फिलहाल भोपाल में ही रह सकते हैं, जबकि अधिकांश विधायक कर्नाटक रवाना होंगे।
राज्यसभा चुनाव का गणित समझिए
| स्थिति | संख्या |
|---|---|
| विधानसभा की कुल सीटें | 230 |
| भाजपा | 164 |
| कांग्रेस | 64 |
| अन्य | 1 |
| खाली सीट | 1 |
| एक राज्यसभा सीट जीतने के लिए जरूरी वोट | 58 |
भाजपा दो सीटों पर आसानी से बढ़त में दिख रही है, जबकि तीसरी सीट को लेकर मुकाबला दिलचस्प हो गया है। इसी कारण क्रॉस वोटिंग की संभावना को लेकर कांग्रेस सतर्क है।
भाजपा और कांग्रेस के उम्मीदवार
कांग्रेस: मीनाक्षी नटराजन
भाजपा: महेश केवट सहित अन्य प्रत्याशी
सियासी माहौल गर्म
भाजपा ने तीन उम्मीदवार उतारकर मुकाबला और दिलचस्प बना दिया है। पार्टी का दावा है कि उसके सभी प्रत्याशी जीत दर्ज करेंगे। वहीं कांग्रेस अपने विधायकों की एकजुटता पर भरोसा जता रही है।