भोपाल: मध्यप्रदेश में शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) के विरोध में आंदोलन कर रहे अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात के बाद अपना आंदोलन 20 दिसंबर तक स्थगित कर दिया है। मुख्यमंत्री ने शिक्षकों की मांगों पर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। राज्य सरकार शिक्षक पात्रता परीक्षा के मुद्दे पर केंद्र सरकार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री से चर्चा करेगी। साथ ही सुप्रीम कोर्ट में लंबित क्यूरेटिव याचिका में भी शिक्षकों के पक्ष में राज्य सरकार अपना मत रखेगी। मोर्चा ने स्पष्ट किया है कि आंदोलन खत्म नहीं हुआ है। मांगें पूरी नहीं होने पर 21 दिसंबर से दोबारा आंदोलन शुरू किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने दिया मांगों पर कार्रवाई का आश्वासन
अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा के पदाधिकारी जगदीश यादव ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ हुई मुलाकात में शिक्षकों की तीन प्रमुख मांगों पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने इन मांगों पर उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।शिक्षकों को आश्वासन दिया गया है कि राज्य सरकार केंद्र सरकार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के समक्ष शिक्षक पात्रता परीक्षा से जुड़े मुद्दे को उठाएगी। इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट में दायर क्यूरेटिव याचिका में भी राज्य सरकार शिक्षकों के पक्ष में अपना मत रखेगी।
27 सितंबर से नीलम पार्क में चल रहा था आंदोलन
शिक्षक पात्रता परीक्षा के विरोध में अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा ने 27 सितंबर से भोपाल के नीलम पार्क में धरना शुरू किया था। आंदोलन के 13वें दिन मुख्यमंत्री से बातचीत और आश्वासन मिलने के बाद इसे स्थगित करने का फैसला लिया गया।मुख्यमंत्री का संदेश लेकर आए प्रतिनिधि रमेश चंद्र शर्मा के आश्वासन और मोर्चा के प्रांतीय संयोजक सहित विभिन्न पदाधिकारियों की मौजूदगी में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया।
मोर्चा ने साफ किया है कि धरना समाप्त नहीं किया गया है, बल्कि 20 दिसंबर तक के लिए स्थगित किया गया है। यदि तय समय तक मांगों पर कार्रवाई नहीं होती है, तो 21 दिसंबर से फिर आंदोलन शुरू किया जाएगा।
नियुक्ति दिनांक से वरिष्ठता देने पर भी सहमति
मोर्चा के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने शिक्षकों को नियुक्ति दिनांक से वरिष्ठता देने के मुद्दे पर भी सहमति जताई है। शिक्षकों की मांग है कि उनकी सेवा संबंधी समस्याओं का समाधान किया जाए और उन्हें नियमानुसार लाभ मिले।आंदोलन स्थगित करने के फैसले से पहले मुख्यमंत्री के साथ-साथ स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह के साथ भी चर्चा हुई।
कैशलेस स्वास्थ्य बीमा और परिवार पेंशन की मांग
शिक्षकों ने अपनी तीन प्रमुख मांगों के अतिरिक्त सरकार के सामने कुछ अन्य मुद्दे भी रखे हैं। इनमें कैशलेस स्वास्थ्य बीमा योजना को तत्काल लागू करना प्रमुख है। इसके अलावा शिक्षकों ने ई-अटेंडेंस व्यवस्था में व्याप्त विसंगतियों को दूर करने की मांग भी रखी है।मोर्चा को उम्मीद है कि सरकार शिक्षकों की व्यावहारिक समस्याओं को ध्यान में रखते हुए जरूरी संशोधन करेगी।
20 दिसंबर तक सरकार के फैसले का इंतजार
आंदोलन स्थगित होने के बाद अब शिक्षकों की नजर राज्य सरकार की अगली कार्रवाई पर है। मोर्चा ने उम्मीद जताई है कि मुख्यमंत्री के आश्वासन के अनुसार मांगों पर ठोस निर्णय लिया जाएगा।यदि 20 दिसंबर तक मांगों का समाधान नहीं होता है, तो 21 दिसंबर से आंदोलन दोबारा शुरू किया जाएगा।