भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून की दस्तक से पहले ही मौसम ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। कहीं तेज आंधी के साथ ओले गिरे तो कहीं पेड़ उखड़कर घरों और छात्रावासों की छतों पर जा गिरे। कई जिलों में आधे घंटे की बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। इस बीच मौसम विभाग ने भोपाल और इंदौर समेत 21 जिलों के लिए अलर्ट जारी किया है। दिलचस्प बात यह है कि एक तरफ प्रदेश के कई हिस्सों में आंधी-बारिश से राहत मिली, तो दूसरी ओर नौगांव में पारा 42 डिग्री के पार पहुंच गया और यह प्रदेश का सबसे गर्म शहर बन गया।
शाजापुर में ओले, नर्मदापुरम में छात्रावास की छत पर गिरा पेड़
शनिवार को नर्मदापुरम, सीहोर, देवास और शाजापुर में मौसम अचानक बदला। शाजापुर में ओलावृष्टि हुई, जबकि माखननगर क्षेत्र में तेज आंधी के कारण एक बड़ा पेड़ बालक छात्रावास की छत पर गिर गया। हालांकि, राहत की बात यह रही कि किसी तरह की जनहानि नहीं हुई। इधर इटारसी, खरगोन और सिवनी मालवा में भी कई पेड़ जड़ से उखड़ गए, जिससे यातायात प्रभावित हुआ।
21 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने भोपाल, इंदौर, सतना, रीवा, मैहर, सीधी, सिंगरौली, कटनी, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, नरसिंहपुर, देवास, सीहोर, नर्मदापुरम, शाजापुर, जबलपुर, मंडला, डिंडौरी, सिवनी और बालाघाट समेत 21 जिलों में आंधी और बारिश की संभावना जताई है। इन क्षेत्रों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
इन 7 जिलों में ऑरेंज अलर्ट
मौसम विभाग ने गुना, अशोकनगर, विदिशा, सीहोर, देवास, हरदा और बैतूल के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। पिछले 24 घंटों में सबसे तेज हवा सतना में 59 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली। वहीं सीहोर में 48, आगर-मालवा में 44, धार और गुना में 43 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार दर्ज की गई।
नौगांव सबसे गर्म, कई शहरों में 40 डिग्री के पार पहुंचा पारा
प्रदेश में गर्मी का असर भी बरकरार है। नौगांव सबसे गर्म रहा, जहां अधिकतम तापमान 42.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा-
सागर : 41.5°C
दतिया : 41.4°C
खजुराहो और दमोह : 41°C
गुना : 40.6°C
खंडवा : 40.5°C
खरगोन : 40.4°C
वहीं भोपाल में 38.8°C, इंदौर में 37.4°C, जबलपुर में 40.1°C और ग्वालियर में 40.4°C तापमान दर्ज किया गया।
सीहोर में झमाझम बारिश, सड़कों पर भरा पानी
दिनभर की उमस के बाद सीहोर में शनिवार दोपहर तेज बारिश शुरू हो गई। बारिश के बाद मौसम सुहावना हो गया, लेकिन कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई और लोगों को सुरक्षित स्थानों की ओर जाना पड़ा।
इटारसी में गिरे चने से बड़े ओले, फसलों को नुकसान की आशंका
इटारसी के पथरोटा क्षेत्र में दोपहर करीब तीन बजे तेज आंधी के साथ ओलावृष्टि हुई। चने के आकार से बड़े ओले गिरने से मूंग की फसल को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। तेज हवाओं के कारण कई मकानों और टीनशेड पर पेड़ गिर गए, जिससे लोगों में अफरा-तफरी मच गई।
खरगोन में आधे घंटे तक मचा कहर
खरगोन के सनावद क्षेत्र में करीब आधे घंटे तक तेज आंधी और मूसलाधार बारिश का दौर चला। इस दौरान 10 से अधिक पेड़ धराशायी हो गए। वार्ड नंबर-2 में 40 साल पुराना पीपल का विशाल पेड़ भी जड़ से उखड़ गया।
क्या इस बार देर से आएगा मानसून?
मौसम विभाग के अनुसार इस बार मध्य प्रदेश में मानसून सामान्य तारीख से 5 से 7 दिन की देरी से पहुंच सकता है। आमतौर पर प्रदेश में मानसून 15 जून के आसपास प्रवेश करता है, लेकिन इस बार इसके 20 से 22 जून के बीच आने की संभावना जताई जा रही है। केरल में मानसून 4 जून को पहुंच चुका है और सामान्य तौर पर वहां से 15 दिन बाद यह मध्य प्रदेश में दस्तक देता है।
भोपाल और इंदौर का मौसम रिकॉर्ड भी दिलचस्प
भोपाल में पिछले 14 वर्षों में सात बार नौतपा के दौरान बारिश दर्ज की गई है। वहीं इंदौर में जून के महीने में तापमान में गिरावट देखने को मिलती है और पिछले वर्ष यहां साढ़े पांच इंच से अधिक बारिश हुई थी।
फिलहाल राहत भी, खतरा भी
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक प्रदेश में आंधी, बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी रह सकता है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।