सीहोर:मध्य प्रदेश के सीहोर जिले में रविवार को आई तेज आंधी और तूफान ने भारी तबाही मचाई। सराय क्षेत्र में कई मकानों को नुकसान पहुंचा, जबकि एक बच्चा मलबे की चपेट में आने से गंभीर रूप से घायल हो गया। तेज हवाओं के कारण सोलर पैनल, टीन शेड और बिजली के खंभे तक उखड़ गए। कई घरों की दीवारें ढह गईं और पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। तूफान के बाद बिजली व्यवस्था भी बुरी तरह प्रभावित हुई है।
तेज आंधी ने मचाई भारी तबाही
स्थानीय लोगों के अनुसार दोपहर बाद अचानक मौसम बदला और तेज हवाओं के साथ आंधी शुरू हो गई। कुछ ही मिनटों में तूफान का असर इतना बढ़ गया कि कई जगहों पर निर्माण सामग्री और टीन शेड हवा में उड़ने लगे। तेज हवा के झोंकों ने मकानों, दुकानों और खुले स्थानों पर लगे ढांचों को नुकसान पहुंचाया। लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला और देखते ही देखते कई संरचनाएं धराशायी हो गईं। तूफान के दौरान लोग अपनी जान बचाने के लिए सुरक्षित स्थानों की ओर भागते नजर आए।
सोलर पैनल, शेड और बिजली के खंभे उखड़े
आंधी का सबसे ज्यादा असर सराय क्षेत्र में देखने को मिला। केपीटल मोबाइल दुकान के पास लगा सोलर पैनल अपनी जगह से उखड़ गया और जमीन पर गिर पड़ा। इसके अलावा एक बड़ा शेड और बिजली का खंभा भी पिलर सहित उखड़कर नीचे आ गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि हवा की रफ्तार इतनी तेज थी कि भारी-भरकम संरचनाएं भी टिक नहीं सकीं। सड़क किनारे लगे कई अस्थायी ढांचे भी क्षतिग्रस्त हो गए, जिससे क्षेत्र में आवाजाही प्रभावित हुई।
कई मकानों की दीवारें ढहीं, लोगों में दहशत
तेज तूफान के कारण कई मकानों के सामने बने हिस्से और टीन शेड पूरी तरह टूट गए। स्थानीय निवासी रिजवान खान ने बताया कि उनकी दुकान के सामने लगा शेड और बिजली का खंभा अचानक गिर गया। उन्होंने बताया कि देखते ही देखते मकान की दीवारें टूटने लगीं और आसपास का पूरा इलाका मलबे से भर गया। पड़ोस में रहने वाले भूरा भाई और रेहान भाई के मकानों की दीवारें भी आंधी की वजह से ढह गईं। घटना के बाद प्रभावित परिवारों में दहशत का माहौल है और लोग नुकसान का आकलन कर रहे हैं।
मलबे में दबकर बच्चा गंभीर घायल
तूफान के दौरान सबसे दर्दनाक हादसा तब हुआ जब पड़ोस में रहने वाले कलीम मैकेनिक का बेटा मलबे की चपेट में आ गया। तेज हवा के कारण एक दीवार और भारी शेड अचानक गिर पड़ा, जिसके नीचे बच्चा दब गया। हादसे के समय आसपास मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बच्चे को बचाने के लिए तत्काल राहत कार्य शुरू किया गया। बच्चे को गंभीर चोटें आई हैं और उसकी हालत को देखते हुए तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया।
स्थानीय लोगों ने बचाई जान
हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने बिना समय गंवाए मलबा हटाने का काम शुरू कर दिया। काफी मशक्कत के बाद बच्चे को मलबे के नीचे से सुरक्षित बाहर निकाला गया। इसके बाद उसे तत्काल जिला चिकित्सालय पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज चल रहा है। स्थानीय लोगों की तत्परता के कारण बच्चे को समय रहते अस्पताल पहुंचाया जा सका। घटना के बाद क्षेत्र के लोगों ने प्रशासन से प्रभावित परिवारों को सहायता देने की मांग की है।
बिजली व्यवस्था ठप, जनजीवन प्रभावित
तूफान के कारण क्षेत्र में बिजली व्यवस्था भी पूरी तरह प्रभावित हो गई है। कई जगह बिजली के खंभे और तार क्षतिग्रस्त होने से आपूर्ति बाधित हो गई। अंधेरा होने से पहले बिजली विभाग की टीमों ने मरम्मत कार्य शुरू कर दिया, लेकिन कई इलाकों में देर रात तक बिजली बहाल नहीं हो सकी। प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और नुकसान का सर्वे कराया जा रहा है। प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।