भापोल - मध्य प्रदेश की राजनीति में राज्यसभा चुनाव को लेकर आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। प्रदेश सरकार के मंत्री विश्वास सारंग ने कांग्रेस की राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन के नामांकन पत्र खारिज होने पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि यह मामला केवल तकनीकी गलती नहीं बल्कि एक सुनियोजित रणनीति का हिस्सा हो सकता है।

भाजपा तीसरी सीट भी जीतने की स्थिति में थी
मंत्री विश्वास सारंग ने दावा किया कि यदि चुनाव पूरी प्रक्रिया के साथ होता तो भी भाजपा राज्य में तीसरी सीट जीतने की स्थिति में थी। भारतीय जनता पार्टी के नेता ने कहा कि कांग्रेस के भीतर ही मीनाक्षी नटराजन के नाम पर असहमति थी और कई नेता खुले तौर पर उनके टिकट का विरोध कर रहे थे। विश्वास के अनुसार पार्टी में गुटबाजी साफ नजर आ रही थी।
कांग्रेस पर ‘फेस सेविंग’ का आरोप
मंत्री सारंग ने आरोप लगाया कि कांग्रेस को पहले से ही यह अंदाजा था कि मीनाक्षी नटराजन चुनाव में हार सकती हैं। इसी कारण पार्टी ने जानबूझकर नामांकन में ऐसी खामियां छोड़ीं, जिससे फॉर्म रिजेक्ट हो जाए और राजनीतिक शर्मिंदगी से बचा जा सके। उन्होंने इसे “फेस सेविंग रणनीति” बताया।
क्रॉस वोटिंग और आंतरिक कलह का दावा
बीजेपी नेता विश्वास सारंग ने यह भी कहा कि कांग्रेस के विधायकों में असंतोष है और क्रॉस वोटिंग की संभावना को लेकर पार्टी नेतृत्व चिंतित था। मंत्री ने आगे सवाल उठाया कि क्या एक राष्ट्रीय पार्टी से यह उम्मीद की जा सकती है कि वह नामांकन प्रक्रिया में गंभीर गलतियां करेगी।
कांग्रेस पर निशाना, भाजपा का दावा मजबूत
विश्वास सारंग के अनुसार कांग्रेस का संगठनात्मक ढांचा कमजोर हो रहा है और अंदरूनी मतभेद लगातार बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा न केवल मौजूदा सीटें जीतने की स्थिति में है बल्कि राज्यसभा की तीसरी सीट पर भी मजबूत दावा कर रही है।