New Delhi: मानसून की बारिश इन दिनों आसमान से कहर बनकर बरस रही है। खासकर उत्तर भारत और हिमालयी राज्यों में बारिश ने जमकर तबाही मचाई है। इन इलाकों में बारिश से अब तक 19 लोगों की मौत हो चुकी है।
इन इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने कहा है कि इन राज्यों में अभी बारिश से छुटकारा नहीं मिलेगी। आईएमडी ने हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, राजस्थान, दिल्ली और इसके आसपास के इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।
हिमाचल में बारिश से हालात भयावह
हिमाचल और उत्तराखंड से सबसे भयावह और डरावनी तस्वीरें सामने आई हैं। इन तस्वीरों को देखकर तबाही के मंजर का अंदाजा लगाया जा सकता है। शहरों और कस्बों में कई जगह पुल, सड़कें, स्कूल, इमारत, गाड़ियां सब के सब पानी में समा रहा है। हिमाचल प्रदेश में लगातार बारिश के कारण भूस्खलन और अचानक आई बाढ़ से मकानों और संरचनाओं को सबसे अधिक नुकसान पहुंचा है। राज्य में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। मनाली, कुल्लू, किन्नौर और चंबा में अचानक आई बाढ़ से कुछ दुकानें और वाहन बह गए। मालूम हो कि रावी, ब्यास, सतलुज, स्वान और चिनाब सहित सभी प्रमुख नदियां उफान पर हैं।
उत्तराखंड में भूस्खलन और बाढ़ में मचाई तबाही
देवभूमि उत्तराखंड में भी भूस्खलन और बाढ़ ने तबाही मचाई है। उत्तराखंड में नदियों और नालों में जलस्तर खतरे के निशान को पार कर चुका है। उत्तराखंड में बारिश से हालात भयावह है। यहां भी भूस्खलन की खबरें हैं।
गुरुग्राम में बारिश से सड़क पर जलजमाव
इधर, गुरुग्राम और दिल्ली में सभी स्कूल सोमवार को बंद हैं, क्योंकि भारी बारिश के कारण जगह-जगह जलभराव हो गया है। गुरुग्राम प्रशासन ने ट्रैफिक जाम से बचने के लिए लोगों को अनावश्यक बाहर नहीं निकलने के लिए कहा है।
दिल्ली में बुलाई गई बैठक
इसके साथ ही हरियाणा के हथिनीकुंड बैराज से यमुना नदी में एक लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़े जाने के बाद दिल्ली सरकार ने बाढ़ संभावित क्षेत्रों की निगरानी के लिए 16 नियंत्रण कक्ष स्थापित किए हैं। सीएम अरविंद केजरीवाल बारिश से बनी स्थिति पर उच्च स्तरीय बैठक बुलाई है।
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