पीएम नरेंद्र मोदी ने आज शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के वर्चुअल शिखर सम्मेलन की मेजबानी की। इस दौरान पीएम मोदी ने देश दुनिया के तमाम ज्वलंत मुद्दों पर बात की। इतना ही नहीं पीएम मोदी ने चीन के राष्ट्रपति जिनपिंग ( Xi Jinping), और पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ (Shehbaz Sharif) के सामने क्रॉस बॉर्डर टेररिज्म के मुद्दे को दृढ़ता से उठाया। इसके अलावा पीएम मोदी ने कहा कि पिछले 2 दशक में एससीओ पूरे एशियाई क्षेत्र में शांति, समृद्धि और विकास के लिए एक महत्वपूर्ण प्लेटफॉर्म के रूप में उभरा है।
कुछ देश सीमापर आतंकवाद को दे रहे बढ़ावा: पीएम
SCO समिट को संबोधित करते हुए पीएम ने कहा कि “कुछ देश सीमा पार आतंकवाद को बढ़ावा दे रहे है और साथ ही आतंकवादियों को आश्रय भी दे रहे हैं। पीएम ने कहा, आतंकवाद क्षेत्रीय और वैश्विक शांति के लिए खतरा है। हमें आतंकवाद के खिलाफ लड़ना होगा। कुछ देश सीमा पार आतंकवाद को अपनी नीतियों के साधन के रूप में इस्तेमाल करते हैं और आतंकवादियों को आश्रय देते हैं। एससीओ को ऐसे देशों की आलोचना करने में संकोच नहीं करना चाहिए। एससीओ देशों को इसकी कड़ी निंदा करनी चाहिए। आतंकवाद पर कोई दोहरा रवैया नहीं अपनाना चाहिए। आतंकवादी फंडिंग से निपटने के लिए हमें हमें आपसी सहयोग बढ़ाना चाहिए।”
पीएम ने बताए SCO का विजन
पीएम मोदी ने कहा कि हमने हमारे प्रयासों को दो मूलभूत सिद्धांतों पर आधारित किया है, पहला वसुधैव कुटुम्बकम और दूसरा सिक्योर यानि सिक्योरिटी, इकोनॉमिक डेवलपमेंट व अन्य हमारे SCO का विजन है। पीएम मोदी ने कहा कि भारत ने इस दृष्टिकोण के साथ एससीओ में सहयोग के 5 नए स्तंभ- स्टार्ट अप एंड इनोवेशन, ट्रेडिशनल मेडिसिन, यूथ इंपावरमेंट और डिजिटल बनाए हैं।
ईरान के शामिल होने पर जताई खुशी
पीएम मोदी खुशी जताई कि ईरान एससीओ की बैठक में शामिल हुआ। साथ ही उन्होंने बेलारूस के एससीओ में शामिल करने के लिए मेमोरेंडम में हस्ताक्षर का भी स्वागत किया।
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