Bengal: TMC के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी (Abhishek Banerjee) शनिवार (20 मई) को कुंतल घोषणा पत्र मामले में पूछताछ के लिए CBI कार्यालय पहुंचे। बनर्जी को CBI की ओर से समन भेजा गया था, जिसकी वजह से उन्हें सीबीआई कार्यालय पहुंचना पड़ा। इस बीच अभिषेक बनर्जी ने कहा कि वह कलकत्ता हाई कोर्ट को उस आदेश को चुनौती सुप्रीम कोर्ट का रुख करेंगे, जिसमें ED और CBI को कुंतल घोष पत्र मामले में उनसे पूछताछ करने की अनुमति दी गई थी।
शिक्षक भर्ती घोटाले का है मामला
CBI शिक्षक भर्ती घोटाले की जांच के सिलसिले में अभिषेक बनर्जी (Abhishek Banerjee) से पूछताछ करना चाहती है। अभिषेक के हरीश मुखर्जी स्थित आवास पर सीबीआई के डिप्टी सुपरिटेंडेंट ने समन भेजा था। समन में कहा गया था कि आपको निर्देश दिया जाता है कि आप शनिवार को दोपहर 11 बजे मेरे समक्ष पेश हों।
अभिषेक ने दी थी CBI को चुनौती
समन मिलने की पुष्टि करते हुए अभिषेक (Abhishek Banerjee) ने ट्वीट किया था, "इन चीजों की परवाह किए बिना, मैं लोगों की सेवा करने का प्रयास करता रहूंगा। अभिषेक ने शुक्रवार को सीबीआई को चुनौती दी थी कि अगर उनके खिलाफ भ्रष्टाचार या कदाचार का कोई सबूत है, तो वह उन्हें गिरफ्तार करें। अभिषेक बनर्जी ने बांकुड़ा में आयोजित रैली में कहा था कि मैं सीबीआई को चुनौती देता हूं कि वे पिछले कई साल से बंगाल में कई मामलों की जांच कर रहे हैं। अगर उनके पास मेरे खिलाफ भ्रष्टाचार का कोई सबूत है, तो वे मुझे गिरफ्तार करें।
याचिका पर तत्काल सुनवाई करने से किया इंकार
कलकत्ता हाई कोर्ट की एक बेंच ने शुक्रवार को तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी की उस याचिका पर तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया, जिसमें उन्होंने सिंगल बेंच के आदेश को चुनौती दी थी। जिसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का रुख करने की बात कही। सिंगल बेंच ने मामले में अपने फैसले में कहा था कि सीबीआई के अभिषेक को दिए गए नोटिस पर कार्रवाई करने पर कोई रोक नहीं है। अभिषेक का नाम घोटाले में एक आरोपी कुंतल घोष की ओर से दर्ज कराई गई शिकायत में सामने आया था। वहीं, घोष ने आरोप लगाया है कि केंद्रीय एजेंसियां उस पर भर्ती घोटाले में अभिषेक का नाम लेने का दबाव बना रही हैं।
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