देश की सरकारी तेल विपणन कंपनियां इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कमर्शियल एलपीजी बाजार में बड़ा बदलाव लाने की तैयारी कर रही हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कंपनियां जल्द ही 10 किलोग्राम क्षमता वाले नए कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर लॉन्च कर सकती हैं। इस पहल का उद्देश्य उन छोटे व्यवसायियों को राहत देना है जिन्हें सीमित मात्रा में गैस की आवश्यकता होती है और जो 19 किलोग्राम के बड़े सिलेंडर का उपयोग करने में कठिनाई महसूस करते हैं। माना जा रहा है कि इससे छोटे व्यापारियों की परिचालन लागत और गैस प्रबंधन दोनों अधिक आसान हो जाएंगे।
स्ट्रीट फूड विक्रेताओं और छोटे प्रतिष्ठानों को होगा फायदा
प्रस्तावित 10 किलो के कमर्शियल सिलेंडर विशेष रूप से स्ट्रीट फूड विक्रेताओं, छोटे रेस्तरां, कैफे, फूड कियोस्क संचालकों और ऐसे कारोबारियों के लिए उपयोगी साबित हो सकते हैं जिनके पास बड़े सिलेंडर रखने की पर्याप्त जगह नहीं होती। इसके अलावा किराए के मकानों में रहने वाले उपभोक्ता, छात्र और प्रवासी मजदूर भी इस विकल्प का लाभ उठा सकते हैं। कम वजन होने के कारण सिलेंडर को एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाना भी पहले की तुलना में अधिक आसान होगा।
HDPE कम्पोजिट तकनीक से होंगे ज्यादा हल्के और सुरक्षित
रिपोर्ट्स के मुताबिक, नए 10 किलो के सिलेंडर हाई-डेंसिटी पॉलीइथिलीन (HDPE) कम्पोजिट तकनीक से तैयार किए जाएंगे। पारंपरिक स्टील सिलेंडरों की तुलना में ये काफी हल्के होंगे, जिससे इन्हें उठाना और परिवहन करना आसान होगा। कम्पोजिट तकनीक वाले सिलेंडरों को आधुनिक सुरक्षा मानकों के अनुरूप विकसित किया जाता है और इनके उपयोग से संचालन भी अधिक सुविधाजनक माना जाता है। इन्हें गैस एजेंसियों और चुनिंदा रिटेल आउटलेट्स के माध्यम से कमर्शियल एलपीजी दरों पर उपलब्ध कराए जाने की संभावना है।
पहले से उपलब्ध हैं हल्के घरेलू कम्पोजिट सिलेंडर
सरकारी तेल कंपनियां पहले से ही घरेलू उपभोक्ताओं के लिए हल्के कम्पोजिट सिलेंडर सीमित स्तर पर उपलब्ध करा रही हैं। हिंदुस्तान पेट्रोलियम का एचपी गैस ओजस, इंडियन ऑयल का इंडेन एक्स्ट्रालाइट और भारत पेट्रोलियम का भारतगैस लाइट इसी श्रेणी के उत्पाद हैं। हालांकि कमर्शियल श्रेणी में फिलहाल मुख्य रूप से 19 किलोग्राम, 5 किलोग्राम और 2 किलोग्राम क्षमता वाले सिलेंडर ही उपलब्ध हैं। ऐसे में 10 किलो का नया विकल्प इस श्रेणी में एक महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है।
बाजार और उपभोक्ताओं पर क्या पड़ेगा असर
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह योजना लागू होती है तो छोटे व्यवसायों के लिए गैस उपयोग अधिक लचीला और किफायती बन सकता है। कम वजन वाले सिलेंडर से परिवहन और हैंडलिंग की समस्या भी कम होगी, जबकि सीमित गैस आवश्यकता वाले उपभोक्ताओं को बार-बार बड़े सिलेंडर खरीदने की जरूरत नहीं पड़ेगी। हालांकि फिलहाल कंपनियों की ओर से लॉन्च की तारीख, कीमत और उपलब्धता को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। आने वाले समय में इस संबंध में विस्तृत जानकारी सामने आने की उम्मीद है।