नई दिल्ली - अप्रैल 2025 में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव काफी बढ़ गया था। इसके बाद भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत क्षेत्र में मौजूद आतंकी ठिकानों पर कार्रवाई की। साथ ही दोनों देशों के बीच आवाजाही और संपर्क भी प्रभावित हुआ। बढ़ते तनाव का असर उन परिवारों पर भी पड़ा, जिनके रिश्ते भारत और पाकिस्तान के बीच तय हो चुके थे।
करीब डेढ़ साल बाद फिर लौटीं शादी की खुशियां
हालात कठिन होने के बावजूद अब करीब डेढ़ साल बाद भारत-पाकिस्तान के बीच कुछ परिवारों के लिए उम्मीद की किरण दिखाई दी है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, करीब 150 पाकिस्तानी दुल्हनें भारत के अलग-अलग शहरों में शादी करने पहुंचीं। इन दुल्हनों को भारत आने के लिए सीधे सीमा मार्ग का इस्तेमाल करने के बजाय मस्कट, कोलंबो, ढाका, कतर और दुबई जैसे देशों के रास्ते कनेक्टिंग फ्लाइट से यात्रा करनी पड़ी।
150 दुल्हनों के साथ आए करीब 450 रिश्तेदार
रिपोर्ट के अनुसार, जून से अप्रैल के बीच करीब 150 पाकिस्तानी दुल्हनें अपने लगभग 450 रिश्तेदारों के साथ भारत पहुंचीं। गृह मंत्रालय की ओर से एक सम्मानित धार्मिक स्थल के सहयोग से इन यात्राओं के लिए विशेष अनुमति दी गई थी। हालांकि, पाकिस्तानी दुल्हनों के साथ आने वाले रिश्तेदारों के लिए एक शर्त रखी गई थी। उन्हें निर्धारित समय सीमा के भीतर वापस लौटना था। इसी वजह से कुछ परिवारों ने शादी समारोह को बेहद सादगी से आयोजित किया।
वीजा मिलने के बाद परिवारों में खुशी
पाकिस्तानी दुल्हनों को वीजा परमिट और जरूरी दस्तावेज मिलने के बाद दोनों देशों में शादी से जुड़े परिवारों में खुशी देखने को मिली। सामान्य परिस्थितियों में वीजा रखने वाले पाकिस्तानी नागरिक वाघा-अटारी सीमा के रास्ते भारत आ सकते थे, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में यह रास्ता बंद होने के कारण उन्हें दूसरे देशों के रास्ते हवाई यात्रा करनी पड़ी।
वहीं, पाकिस्तान की ओर से भारतीय विमानों के लिए एयरस्पेस बंद होने के कारण हवाई यात्रा भी सीधे संभव नहीं है। ऐसे में शादी के लिए भारत पहुंचने वाली दुल्हनों को लंबा और महंगा सफर तय करना पड़ा।
ऑपरेशन सिंदूर से पहले हुई थी कई सगाइयां
रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत पहुंचने वाली अधिकांश पाकिस्तानी दुल्हनों की सगाई ऑपरेशन सिंदूर से पहले ही हो चुकी थी। कई परिवारों ने पिछले साल ही शादी की तारीख तय करने की योजना बनाई थी, लेकिन भारत-पाकिस्तान के बीच बदले हालात और सीमा संबंधी पाबंदियों के कारण विवाह टल गए। लंबे समय से भारत में वीजा पर रह रहे इंकेश जशनानी की सगाई भी ऑपरेशन सिंदूर से पहले हुई थी। लेकिन दोनों देशों के बीच तनाव के कारण शादी की योजना प्रभावित हुई।
रिश्तों पर तनाव भारी, लेकिन उम्मीद कायम
भारत और पाकिस्तान के बीच राजनीतिक और कूटनीतिक तनाव भले ही गहरा हो, लेकिन इन परिवारों की कहानियां बताती हैं कि व्यक्तिगत रिश्ते सीमाओं और मुश्किल परिस्थितियों के बावजूद अपनी जगह बनाए रखते हैं। करीब 150 पाकिस्तानी दुल्हनों का भारत आकर विवाह करना ऐसे ही रिश्तों की एक तस्वीर पेश करता है, जहां लंबे इंतजार और कठिन यात्रा के बाद आखिरकार परिवारों में शादी की खुशियां लौट सकीं।
