केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को शुक्रवार (7 जुलाई) को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। सु्प्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुनवाई करने से इनकार कर दिया। दरअसल, मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में सिंधिया के खिलाफ एक याचिका दाखिल की गई थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि सिंधिया ने राज्यसभा चुनाव के नामांकन पत्र दाखिल करते समय सही जानकारी नहीं दी।
याचिकाकर्ता को SC ने दिया झटका
इस याचिका को हाईकोर्ट ने पिछले साल 1 अगस्त 2022 को खारिज कर दिया था। इसके बाद ये मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था। याचिकाकर्ता को आज सुप्रीम कोर्ट से झटका लगा, क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया। मामले में राज्य सरकार की ओर सुप्रीम कोर्ट में पेश हुए अतिरिक्त महाधिवक्ता अंकुर मोदी और अधिवक्ता यश सोनी ने दलील दी की याचिका में कोई दम नहीं है, ये याचिका राजनीतिक विद्वेष के कारण दाखिल की गई है।जानें क्या है पूरा मामला
मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो ग्वालियर के रहने वाले गोपी लाल भारती ने मध्यप्रदेश हाई कोर्ट में दायर की गई याचिका में कहा था कि उन्होने केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के खिलाफ नामांकन के समय जानकारी छिपाने के आरोप में शिकायत दर्ज करवाई थी। लेकिन उनकी शिकायत पर कोई सुनवाई नहीं की गई। इसके बाद उन्होने सीआरपीसी के धारा 156 (3) के तहत न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी की अदालत में याचिका दायर की, यहां से फिर याचिका को खारिज कर दिया गया। उन्होने सेशन कोर्ट भोपाल के आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट में आपराधिक पुनरीक्षण की याचिका दायर की। लेकिन एक अगस्त 2022 को यहां से भी उन्हें निराशा हाथ लगी और याचिका को खारिज कर दिया गया।Read More: Tripura Assembly में बजट सत्र के पहले दिन हंगामा, पांच विपक्षी विधायक निलंबित
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