New Delhi: विश्व युवा कौशल दिवस पर शनिवार को केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भारतीय भाषाओं में एआई का निशुल्क प्रशिक्षण लेने के लिए एआई फॉर इंडिया 2.0 को लॉन्च किया। यह स्किल इंडिया और जीयूवीआई की संयुक्त पहल है।
9 भारतीय भाषाओं में किया जाएगा लॉन्च
इस ऑनलाइन कार्यक्रम को राष्ट्रीय व्यावसायिक शिक्षा और प्रशिक्षण परिषद (एनसीवीईटी) और आईआईटी मद्रास (AI for India 2.0) से मान्यता प्राप्त है। इस कार्यक्रम को नौ भारतीय भाषाओं में जारी किया गया है। शिक्षा व कौशल विकास व उद्यमिता मंत्री प्रधान ने कहा कि प्रौद्योगिकी को भाषा का गुलाम नहीं होना चाहिए।
"ग्रामीण क्षेत्रों में भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में अच्छी शुरूआत"
उन्होंने भारतीय भाषाओं में प्रौद्योगिकी कोर्स करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रौद्योगिकी शिक्षा में भाषा की बाधा को खत्म करने और हमारी युवा शक्ति, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में यह एक अच्छी शुरुआत है।
क्या है जीयूवीआई?
भारत प्रौद्योगिकी प्रेमी देश है और देश में डिजिटल भुगतान (AI for India 2.0) को अपनाने की सफल कहानी इसका उदाहरण है। उन्होंने संतोष व्यक्त किया कि जीयूवीआइ ने निचले तबके की आबादी को अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी के बारे में शिक्षित करने की पहल की। आईआईटी मद्रास का स्टार्टअप जीयूवीआई एक तकनीकी मंच है जो स्थानीय भाषाओं में प्रौद्योगिकी सिखाता है।
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