गुजरात उच्च न्यायालय ने आज कांग्रेस नेता राहुल गांधी को मोदी सरनेम को लेकर मानहानि मामले में बड़ा झटका दिया है। कांग्रेस नेता ने सूरत की जिला अदालत से मिली दो साल की सजा पर रोक के लिए याचिका लगाई थी, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दी। अब इस फैसले पर एमपी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ ने ट्वीट कर एक नई राजनीति को जन्म दे दिया है।
कमलनाथ का ट्वीट
एमपी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ ने ट्वीट में लिखा - मानहानि केस में राहुल गांधी के विषय में गुजरात हाईकोर्ट के फैसले के बाद मुझे महात्मा गांधी का कथन याद आता है। बापू ने कहा था कि सत्य का मतलब सत्य बोलना मात्र नहीं है। सत्य का अर्थ है, सत्य
की रक्षा के लिए सब कुछ दांव पर लगा देना और बड़ी से बड़ी कुर्बानी देकर भी सत्य से विचलित नहीं होना।
राहुल गांधी ने सत्य की ऐसी ही कठिन राह पकड़ी है। हम सब उनके साथ हैं। इतिहास गवाह है कि चाहे जितनी परेशानियां आएं, चाहे जितनी परीक्षाएं हों, चाहे जितने षड्यंत्र किए जाएं, लेकिन अंत में जीत सत्य की ही होती है।
गुजरात हाई कोर्ट ने की ये टिप्पणी
याचिका को खारिज करते हुए, गुजरात हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति हेमंत प्रच्छक ने कहा कि, गांधी पहले से ही भारत भर में 10 आपराधिक मामलों का सामना कर रहे हैं। कांग्रेस नेता को दोषी ठहराने के लिए निचली अदालत का आदेश उचित और कानूनी था, इसलिए उसमें कुछ बदलने लायक नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि, सजा पर रोक लगाने का कोई उचित आधार नहीं है। आपको बता दें कि, दोषसिद्धि पर रोक से पूर्व सांसद राहुल गांधी की संसद सदस्य के रूप में बहाली का मार्ग प्रशस्त हो जाता।
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