अमरनाथ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए केंद्र और जम्मू-कश्मीर प्रशासन की ओर से विशाल सुरक्षा ग्रिड से लेकर रेडियो फ्रीक्वेंसी पहचान (RFID) टैग तक सभी उपाय किए जा रहे हैं।
आज से प्रारंभ हुई अमरनाथ यात्रा
62 दिनों तक चलने वाली अमरनाथ यात्रा इस बार शनिवार (1 जुलाई) से प्रारंभ हो चुकी है। यह वार्षिक यात्रा अब तक की सबसे लंबी यात्रा मानी जा रही है। तीन लाख से ज्यादा श्रद्धालु पहले ही इसके लिए पंजीकरण करा चुके हैं। अधिकारियों ने बताया कि पवित्र गुफा की यात्रा के दौरान सुरक्षा के मद्देनजर तीर्थयात्रियों के लिए आरएफआईडी टैग अनिवार्य किया गया है। आरएफआईडी टैग के जरिये हर एक श्रद्धालु की लोकेशन पता लगाई जा सकेगी। खराब मौसम की स्थिति के दौरान प्रशासन इस टैग के उपयोग से श्रद्धालु का पता लगाकर उनकी मदद कर पाएगा।विशाल सुरश्रा ग्रिड को किया तैनात
यात्रा को देखते हुए एक विशाल सुरश्रा ग्रिड तैनात की गई है। इसमें सेना और पुलिस के अलावा, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल, सीमा सुरक्षा बल, भारत तिब्बत सीमा पुलिस, सीआईएसएफ और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के कर्मी शामिल हैं। पहलगाम और बालटाल आधार शिविरों की ओर जाने वाले मार्ग और गुफा मंदिर तक जाने वाले रास्ते पर सैकड़ों नए सुरक्षा बंकर बनाए गए हैं। ड्रोन समेत उच्च तकनीक निगरानी उपायों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है।7,904 हुई रवाना हुए तीर्थयात्रियों की संख्या
आपको जानकारी के लिए बता दें कि जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने यात्रा के लिए तीर्थयात्रियों के पहले जत्थे को शुक्रवार (30 जून) की सुबह जम्मू के भगवती नगर शिविर से रवाना किया, जिसमें करीब 3,400 श्रद्धालु शामिल हैं। करीब 4,400 तीर्थयात्रियों का दूसरा जत्था शनिवार (1 जुलाई) भगवती नगर आधार शिविर से ही रवाना किया गया। अब तक यात्रा के लिए रवाना हुए तीर्थयात्रियों की संख्या 7,904 हो गई है।Read More: 'आप भारत से या फिर म्यांमार से', सीएम एन बीरेन सिंह ने किया विवादित ट्वीट, फिर किया डिलीट
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