3 मई से चली आ रही जातीय हिंसा रुकने का नाम नहीं ले रही है। राज में मई से ही इंटरनेट सेवा पर प्रतिबंध लगा हुआ है। मणिपुर उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार को इंटरनेट लीज लाइन के माध्यम से सेवा प्रदान करके राज्य में इंटरनेट प्रतिबंध को आंशिक रूप से हटाने का निर्देश दिया है।
SC पहुंची मणिपुर सरकार
मणिपुर सरकार हाईकोर्ट के आंशिक रूप से इंटरनेट बहाल करने के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंची है। मणिपुर सरकार का कहना है कि स्थिति एक जैसी नहीं है लगातार स्थिति में परिवर्तन हो रहा है। इसलिए हाथ से इंटरनेट को अभी बहाल करना उचित नहीं है। मणिपुर हिंसा मामले पर राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में स्टेटस रिपोर्ट दी है। सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि स्थिति धीरे-धीरे सुधर रही है इस समय लोगों को किसी भी प्रकार की अफवाह से बचने की आवश्यकता है।25 जुलाई को अगली सुनवाई
बता दें कि हिंसा की घटनाओं को देखते हुए मणिपुर सरकार ने इंटरनेट पर 10 जुलाई तक के लिए बैन बढ़ा दिया था। मणिपुर हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को 'नागरिकों के जीवन और संपत्ति' की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए मोबाइल फोन पर इंटरनेट सेवा का फिजिकल एग्जामिनेशन करने का निर्देश दिया था। अदालत मामले की सुनवाई 25 जुलाई को करेगी।Read More: “"मैं ओबीसी हूं इसलिए....", छगन भुजबल ने शरद पवार पर लगाया बड़ा आरोप
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