New Delhi: पिछले कई दिनों से समूचे उत्तर भारत में पड़ रही भीषण गर्मी पर बुधवार को पश्चिमी विक्षोभ का खासा असर देखने को मिला। कई राज्यों में झमाझम बरसात हुई तो पहाड़ों पर ओले भी पड़े। इसी के चलते उत्तर पश्चिमी हवाओं में आई ठंडक से दिल्ली में भी बरसात हुए बगैर तापमान में खासी गिरावट देखी गई। ज्यादातर जगह यह गिरावट चार से आठ डिग्री तक रही। मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि बृहस्पतिवार को भी ऐसी ही स्थिति बनी रहेगी। तेज हवा के साथ वर्षा होगी और तापमान भी कम ही रहेगा।
राजस्थान के ऊपर बन रहा अपर साइक्लोनिक सर्कुलेशन
पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता और राजस्थान के ऊपर बने एक अपर साइक्लोनिक सर्कुलेशन के चलते उत्तर भारत के ज्यादातर राज्यों में मंगलवार रात से ही मौसम ने करवट लेनी शुरू कर दी थी। कहीं धूल भरी आंधी चली तो कहीं वर्षा हुई। बुधवार को भी यह सिलसिला जारी रहा। पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और मध्य प्रदेश सहित कई राज्यों में अच्छी बरसात हुई तो जम्मू कश्मीर में पहाड़ों पर ओलावृष्टि भी हुई। इसी का नतीजा रहा कि कमोबेश सभी जगह गर्मी की तपन कम हो गई और तापमान भी गिर गया।
कई जगहों पर गिरे ओले
राजधानी जयपुर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में बारिश के ओले गिरे। जयपुर शहर में दोपहर दो बजे तेज हवाएं चलने लगी। इसके बाद झमाझम बारिश हुई। इससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली। इसके अलावा दौसा, सीकर, चूरु, करौली, बीकानेर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ सहित कई जगहों पर तेज आंधी आई। आंधी के बाद बारिश से मौसम खुशनुमा हो गया।
28 मई को एक्टिव होगा फिर नया विक्षोभ
पाकिस्तान की उत्तरी क्षेत्र में मंडरा रहा पश्चिमी विक्षोभ 28 मई तक राजस्थान पहुंच जाएगा। इसके बाद फिर से बारिश का एक दौर शुरू हो जाएगा। मौसम विभाग के जयपुर केंद्र ने बताया है कि 25 मई को पश्चिमी विक्षोभ का असर जारी रहेगा। इसके कारण बीकानेर, जयपुर, भरतपुर और कोटो के करीब 20 जिलों में बारिश होगी। 28 मई से आंधी बारिश की गतिविधियां फिर से जारी हो जाएगी। इस दौरान तीन से पांच डिग्री तक की गिरावट आएगी। ऐसे में हीटवेव की आशंका नहीं रहेगी। जिससे अगले छह दिनों तक अब गर्मी बहुत कम सताएगी।
Written By-Payal Trivedi
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