Good Friday 2023: आज देश भर में ईसाई धर्म का त्योहार गुड फ्राइडे मनाया जा रहा है। इस दिन की मान्यता है कि प्रभु यीशू को सूली पर चढ़ाया गया था। उनके इस बलिदान को लोग पर्व के रुप में मनाते हैं। हम गुड का मतलब अच्छा जानते हैं लेकिन यहां पर इसका मतलब अच्छा नहीं होता है। बल्कि इसे ब्लैक डे (black day)भी कहा जाता है। बता दें कि उन्होंने सूली पर चढ़ते हुए कुछ संदेश दिया (last message of Jesus) था।
जानें क्यों मनाया जाता है गुड फ्राइडे
गुड फ्राइडे को सिर्फ गुड फ्राइडे के ही नाम से नहीं जानते हैं बल्कि इसे ब्लैक फ्राइडे (Good Friday 2023) और ग्रेट फ्राइडे के नाम से जानते हैं। यह दिन प्रभु यीशू के बलिदान के रुप में मनाया जाता है। जिन्हें यहूदी शासकों ने लगातार प्रताड़ित किया और शारीरिक मानसिक रूप से ठेस पहुंचाई। इसके बाद उन्हें लकड़ी के बने एक क्रॅास पर बने हुए सूली पर उन्हें चढ़ा दिया और सूली पर चढ़ते हुए यीशू ने कहा ' 'हे ईश्वर इन्हें क्षमा करें, क्योंकि ये नहीं जानते कि ये क्या कर रहे हैं।' हे पिता, मैं अपनी आत्मा को तेरे हाथों में सौंपता हूं। यही कह कर वो हंस कर सूली चढ़ गए। जिस दिन सूली पर चढ़ाए गए उस दिन शुक्रवार था।
कौन थे प्रभु यीशु?
ईसाई धर्म के पवित्र ग्रंथ बाइबल से जानकारी मिलती है कि 'प्रभु यीशु ने मनुष्यों को बेहतर बनाने के लिए और उन्हें सही मार्ग पर चलने के लिए प्रेम ज्ञान और अंहिसा का संदेश देते थे। धीरे- धीरे उनका ईसा मसीह के प्रति लगाव बढ़ता गया और उनके संदेश से लोग प्रभावित होने लगे और वो लोकप्रिय होने लगे। उनकी बढ़ती हुई लोकप्रियता यहूदियों के लिए नागवार गुजरी और शारीरिक मानसिक रुप से ठेस पहुंचाते हुए उन्हें सूली पर चढ़ा दिया गया। इसके बाद लोगों के नजर में प्रभु यीशु का महत्व बढ़ गया और कहा जाने लगा कि मनुष्यों के कल्याण के लिए इन्होंने अपना जीवन त्याग दिया।
आज के दिन ईसाई लोग काले कपड़े पहनकर जाते हैं चर्च
बता दें कि गुड फ्राइडे से पहले ईसाई धर्म के लोग 40 दिनों तक व्रत रखते हैं। आज के दिन चर्च को सजाया जाता है और पूजा अर्चना की जाती है। इस दिन लोग काले कपड़े पहन कर चर्च में जाते हैं और भगवान यीशु से अपने गुनाहों की क्षमा याचना करते हैं।
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