Robotic Surgery: डॉक्टरों ने देश में पहली बार रोबोटिक सर्जरी का इस्तेमाल कर लार ग्रंथि के ट्यूमर को सफलतापूर्वक निकाला है। यह ऑपरेशन चेन्नई के अपोलो अस्पताल में एक 49 वर्षीय महिला की गर्दन पर बिना किसी चीरे का निशान छोड़े की गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक रोबोटिक सर्जरी के जरिए महिला के गले से 8 सेंटीमीटर का बड़ा ट्यूमर निकाला गया है।
देश में पहली RAHI अप्रोच वाली Robotic Surgery
सर्जरी को सफलतापूर्वक करने वाले डॉ. वेंकट कार्तिकेयन ने इस बार में बताते हुए कहा कि विजयलक्ष्मी नाम की महिला अपोलो अस्पताल में अपनी गर्दन के दाहिनी ओर एक बड़े ट्यूमर के साथ आई थी। उन्होंने बताया कि यह देश में पहली बार RAHI अप्रोच वाली रोबोटिक सर्जरी है। उन्होंने कहा कि महिला की लार ग्रंथि पर 8 सेंटीमीटर के आकार का एक ट्यूमर हटाने के लिए सर्जरी की गई। जिसमें गर्दन पर कोई निशान नहीं पड़ा।
नहीं नजर आता चीरे का निशान
डॉ. कार्तिकेयन ने बताया कि रोबोटिक हेड-एंड-नेक सर्जरी ईएनटी के क्षेत्र में एक उभरती विशेषता है। इसे गले के कैंसर के लिए ट्रांस ओरल रोबोटिक सर्जरी (टीओआरएस) के रूप में वर्गीकृत किया गया है। इसके साथ ही गर्दन पर बिना कोई निशान छोड़े ट्यूमर हटाने के लिए रेट्रोऑरिक्युलर हेयरलाइन चीरा (आरएएचआई) लगाया जाता है।उन्होंने बताया कि इस तरह की सर्जरी से गर्दन पर चीरे का निशान नजर नहीं आता है। इससे बेहतर कॉस्मेसिस और उच्च तरीके से एंडोस्कोपिक सर्जरी की सुविधा मिलती है।
रोबोटिक सर्जरी में लगाया जाता है हेयरलाइन चीरा
रोबोटिक सर्जरी को युवक और युवतियों के लिए एक सही ट्रीटमेंट माना जाता है। सामान्य सर्जरी करने पर ऑपरेशन के दौरान लगे चीरे का निशान बना रहता है। वहीं, रोबोटिक सर्जरी में हेयरलाइन चीरा लगाया जाता है, जो आसानी से नजर नहीं आता है। यह ट्रीटमेंट सिर और गर्दन के कैंसर रोगियों के लिए किसी वरदान की तरह कहा जाता है। इसके जरिए थायरॉयड, पैराथायरायड ग्रंथियों, पैराफेरीन्जियल स्पेस ट्यूमर, लार ग्रंथि को हटाने जैसे ऑपरेशन आसानी से किए जाते हैं।
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