अयोध्या के राम मंदिर में 22 जनवरी की तारीख को रामलला की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा होगी। इस कार्यक्रम में पीएम मोदी समेत देशभर के तमाम दिग्गज नेता उपस्थित रहेंगे। लगभग 500 सालों के बाद अब प्रभु श्रीराम का मंदिर वापस से बनने जा रहा है। ऐसे में 34 साल पहले अयोध्या में राम जन्मभूमि स्थल पर पुलिस गोलीबारी में जान गंवाने वाले कारसेवकों के परिवार वालों के चेहरे पर भी खुशी आ गई है। कोलकाता के कोठारी बधुओं की बड़ी बहन ने भी अपनी खुशी जाहिर की हैं।
भाइयों की आत्माओं को अब शांति मिलेगी - पूर्णिमा कोठारी
यूपी के अयोध्या में राम जन्मभूमि स्थल पर सन 1990 में कारसेवा के दौरान पुलिस गोलीबारी में कोलकाता के रहने वाले 22 साल के राम कोठारी और 20 साल के शरद कोठारी की मौत हो गई थी। वहीं अब उनकी बड़ी बहन पूर्णिमा ने अपनी भावनाओं को शेयर किया है। पूर्णिमा ने कहा है कि, हमारा पूरा परिवार बहुत खुश है। मेरे भाइयों के निधन के बाद से 1992 से मैंने अयोध्या की वार्षिक तीर्थयात्रा की है और अपने दिवंगत भाइयों के करीबी मुद्दे ‘राम जन्मभूमि आंदोलन’ के लिए प्रार्थना की है। उन्होंने आगे कहा कि, मेरे भाइयों की आत्माओं को अब शांति मिलेगी।
मुझे अपने भाइयों पर बेहद गर्व है - पूर्णिमा कोठारी
राम कोठारी और शरद कोठारी की बड़ी बहन पूर्णिमा कोठारी ने कहा कि, राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा हम सभी के लिए दूसरी दिवाली और होली के अनुभव जैसा है। पूर्णिमा ने आगे बताया है कि, कोठारी बंधु कोलकाता के बड़ाबाजार में अपने आवास के पास RSS की शाखा में जाया करते थे। विश्व हिंदू परिषद के आह्वान पर वे कार सेवा के लिए अयोध्या चले गए। उन्होंने एक नेक काम के लिए अपने जीवन का बलिदान दिया। बहन पूर्णिमा कोठारी ने आगे कहा कि, मुझे अपने भाइयों पर बेहद गर्व है। प्राण प्रतिष्ठा का निमंत्रण मिलने पर पूर्णिमा और उनका परिवार पहले ही अयोध्या पहुंच चुका है।
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