नई दिल्ली - लोकसभा के विशेष सत्र में महिला आरक्षण और परिसीमन को लेकर जोरदार सियासी टकराव देखने को मिला। चर्चा के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के बीच तीखी बहस छिड़ गई, जिससे पूरे सदन का माहौल कुछ समय के लिए गरमा गया।
मुस्लिम महिलाओं के लिए क्या प्रावधान होगा
बहस के दौरान समाजवादी पार्टी की ओर से मुस्लिम महिलाओं के आरक्षण और जनगणना प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए गए। अखिलेश यादव ने कहा कि यदि महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण दिया जा रहा है, तो मुस्लिम महिलाओं के लिए क्या प्रावधान होगा। इस पर गृह मंत्री अमित शाह ने जवाब देते हुए स्पष्ट किया कि भारतीय संविधान धर्म के आधार पर आरक्षण की अनुमति नहीं देता।
अखिलेश पर अमित शाह का हमला
अमित शाह ने यह भी कहा कि यदि किसी दल को मुस्लिम महिलाओं को अधिक प्रतिनिधित्व देना है तो वह अपनी पार्टी के टिकट वितरण में ऐसा कर सकता है, सरकार को इस पर कोई आपत्ति नहीं होगी। सदन में इस बयान के बाद विपक्षी सांसदों ने भी अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं और परिसीमन तथा जनगणना
प्रक्रिया को लेकर सरकार से सवाल किए। विपक्ष का आरोप था कि इन महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं को बिना स्पष्टता के आगे बढ़ाया जा रहा है।
वहीं सरकार की ओर से कहा गया कि, जनगणना और परिसीमन की प्रक्रिया निर्धारित नियमों के तहत ही आगे बढ़ रही है और सभी आंकड़े समय आने पर सार्वजनिक किए जाएंगे। बहस के बाद भी यह मुद्दा राजनीतिक गलियारों में चर्चा का केंद्र बना हुआ है।