कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 से पहले भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने महिलाओं को साधने के लिए एक बड़ी कल्याणकारी योजना का वादा किया है। “अन्नपूर्णा योजना” या “अन्नपूर्णा भंडार” के नाम से पेश की गई यह स्कीम अभी लागू नहीं हुई है, बल्कि यह पार्टी के संकल्प पत्र (मेनिफेस्टो) का हिस्सा है, जिसे अप्रैल 2026 के दूसरे सप्ताह में जारी किया गया।
क्या है अन्नपूर्णा योजना?
भारतीय जनता पार्टी के मुताबिक, अगर पार्टी 2026 में सत्ता में आती है तो राज्य की महिलाओं को हर महीने ₹3,000 की आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी। यह भुगतान DBT (Direct Benefit Transfer) के जरिए होगा ताकि बिचौलियों की भूमिका खत्म हो और पारदर्शिता बनी रहे।
घोषणा से चुनावी वादा तक का सफर
इस योजना का विचार सबसे पहले 2024 में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने रखा था। बाद में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने इसे औपचारिक रूप से पेश किया और शुरुआत में ₹2,000 मासिक सहायता की बात कही गई। हालांकि, चुनाव नजदीक आते-आते इस राशि को बढ़ाकर ₹3,000 कर दिया गया और इसे पार्टी के प्रमुख चुनावी वादों में शामिल कर लिया गया।
महिलाओं पर फोकस, TMC को सीधी चुनौती
अन्नपूर्णा योजना को तृणमूल कांग्रेस (TMC) की लोकप्रिय “लक्ष्मी भंडार” योजना के जवाब के रूप में देखा जा रहा है। जहां लक्ष्मी भंडार के तहत महिलाओं को ₹1,500 से ₹1,700 तक की सहायता मिलती है, वहीं BJP ने इसे दोगुना कर ₹3,000 देने का वादा किया है। BJP का दावा है कि यह योजना अधिक व्यापक होगी और ज्यादा महिलाओं को कवर करेगी।
संभावित लागू होने की समयसीमा
पार्टी नेताओं के अनुसार, यदि भारतीय जनता पार्टी सरकार बनाती है तो योजना को सरकार गठन के 45 दिनों के भीतर शुरू करने की तैयारी है। कुछ बयानों में 1 जून से लाभ देने की बात भी कही गई है। हालांकि, इसकी आधिकारिक समयसीमा चुनाव परिणामों के बाद ही स्पष्ट होगी।
फंडिंग और क्रियान्वयन पर सवाल
हालांकि भारतीय जनता पार्टी ने महिलाओं के लिए ₹5,700 करोड़ के विशेष पैकेज का जिक्र किया है, लेकिन योजना की कुल लागत, पात्रता मानदंड और लाभार्थियों की सटीक संख्या अभी स्पष्ट नहीं है। यह भी तय नहीं है कि सभी महिलाओं को इसका लाभ मिलेगा या किसी विशेष वर्ग को प्राथमिकता दी जाएगी।
संकल्प पत्र में महिलाओं के लिए बड़े वादे
अन्नपूर्णा योजना के अलावा भारतीय जनता पार्टी ने अपने मेनिफेस्टो में महिलाओं के लिए कई अन्य घोषणाएं भी की हैं, जिनमें सरकारी नौकरियों में 33% आरक्षण, महिला पुलिस बटालियन, सुरक्षा योजनाएं और बेरोजगार युवाओं को आर्थिक सहायता शामिल हैं।
राजनीतिक रणनीति और प्रतिक्रिया
विश्लेषकों के अनुसार, यह योजना सीधे महिला मतदाताओं को ध्यान में रखकर तैयार की गई है, जो पश्चिम बंगाल की राजनीति में निर्णायक भूमिका निभाती हैं। वहीं तृणमूल कांग्रेस ने इसे चुनावी जुमला बताते हुए सवाल उठाए हैं कि BJP शासित राज्यों में ऐसी योजनाएं क्यों नहीं दिखतीं।
वर्तमान स्थिति
फिलहाल अन्नपूर्णा योजना सिर्फ एक चुनावी वादा है और इसका कोई आधिकारिक क्रियान्वयन शुरू नहीं हुआ है। यह तभी लागू होगी जब BJP 2026 के विधानसभा चुनाव में जीत हासिल कर राज्य में सरकार बनाएगी।