आजकल लगभग सभी सरकारी और निजी कार्यों में आधार कार्ड एक जरूरी डॉक्यूमेंट बन गया है और इसके बगैर कई तरह के कार्य बाधित होते हैं। देश के नागरिकों के लिए आधार कार्ड 12 अंकों की एक पहचान संख्या होती है। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) के मुताबिक आधार कार्ड को भी चार तरह से बनवाया जा सकता है। UIDAI की वेबसाइट के अनुसार आधार कार्ड के ये सभी प्रकार सरकारी तौर पर मान्य है -
आधार लेटर
आधार लेटर पेपर-बेस्ड लैमिनेटेड लेटर होता है।
इसमें तारीख के साथ एक सुरक्षित QR कोड भी होता है।
आधार लेटर नि:शुल्क होता है, जो डाक के जरिए भेजा जाता है।
ओरिजिनल आधार कार्ड खो जाता है तो आप नया प्राप्त कर सकते हैं।
आधार लेटर को बदलने के लिए 50 रुपए शुल्क देना होता है।
आधार पीवीसी कार्ड
• आधार पीवीसी कार्ड PVC मटेरियल से बना होता है।
• आधार पीवीसी कार्ड हल्के और टिकाऊ होते हैं।
• इसमें भी QR कोड, एक फोटो और जनसांख्यिकीय जानकारी शामिल होती है।
• आधार पीवीसी कार्ड स्पीड पोस्ट के माध्यम से भेजे जाते हैं।
• आधार पीवीसी कार्ड के लिए भी 50 रुपए शुल्क देना होता है।
एम आधार
• UIDAI की यह मोबाइल एप्लिकेशन है।
• यह आधार नंबर को CIDR के साथ पंजीकृत अपने आधार रिकॉर्ड को ले जाने के लिए एक इंटरफेस प्रदान करता है।
• इस रिकॉर्ड में जनसांख्यिकीय डेटा और एक फोटो के साथ आधार नंबर शामिल होता है।
• ऑफलाइन सत्यापन के लिए इसमें सुरक्षित क्यूआर कोड भी होता है।
• M-Aadhaar बगैर किसी शुल्क के डाउनलोड किया जा सकता है।
• M-Aadhaar को एयरपोर्ट्स और रेलवे द्वारा एक वैध आईडी प्रमाण के रूप में मान्यता मिली हुई है।
ई-आधार
• E-Aadhaar पासवर्ड से सुरक्षित होता है।
• ऑफलाइन सत्यापन के लिए सुरक्षित क्यूआर कोड होता है।
• इसे रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर का उपयोग करके प्राप्त कर सकते हैं।
• हर आधार नामांकन या अपडेट तुरंत एक ई-आधार जनरेट कर देता है, जिसे फ्री में डाउनलोड किया जा सकता है।
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