समान नागरिक संहिता को लेकर आल इंडिया मजलिए-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन नेता और हैदराबाद सांसद असदुद्दीन ओवैसी लगातार विरोध कर रहे हैं। ओवैसी ने कहा कि यूसीसी से सबसे ज्यादा तकलीफ हमारे हिंदू भाइयों को होगी। इसके साथ ही उन्होंने बीजेपी और आरएसएस पर भी निशाना साधा।
ओवैसी ने कहा कि यूसीसी से हिंदू भाइयों के बहुत सारे अधिकार छीन लिए जाएंगे, जिसमें मैरिज एक्ट के साथ-साथ बहुत सारे सामाजिक और धार्मिक रीति रिवाज भी शामिल हैं। ओवैसी ने एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें उन्होंने हिंदुओं को मिले विशेषाधिकार का जिक्र करते हुए दावा किया है कि ये यूसीसी से छिन जाएंगे।
हिंदू विवाह अधिनियम का किया जिक्र
ओवैसी ने हिंदू विवाह अधिनियम, 1955 का हवाला देते हुए कहा, इस एक्ट में हिंदू भाई बहनों के लिए कहा गया है कि पिता की सात पीढ़ियों और मां की 5 पीढ़ियों तक शादी नहीं हो सकती है लेकिन इसका अपवाद दे दिया गया है। अगर यूनिफॉर्म सिविल कोड आया तो एक अपवाद खत्म हो जाएगा।
ओवैसी ने का, हिंदू विवाह अधिनियम के सेक्शन 7 में कहा गया है कि आप अपनी शादी अपने पारंपरिक रीति रिवाज के साथ कर सकते हैं लेकिन यूसीसी से ये भी चला जाएगा।
हिंदू मैरिज एक्ट के सेक्शन 2 के सबसेक्शन का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि हिंदू मैरिज एक्ट अनुसूचित जनजाति पर लागू नहीं होगा लेकिन समान नागरिक संहिता आने के एसटी भाइयों का भी हक छिन जाएगा।
संयुक्त परिवार भी बोले ओवैसी
एआईएमआईएम नेता ने कहा कि सिर्फ हिंदू भाइयों को ये सहूलियत दी गई है कि अगर वे संयुक्त परिवार में रहते हुए कोई व्यापार शुरू करते हैं तो उन्हें टैक्स में छूट मिलेगी, लेकिन समान नागरिक संहिता लागू होने के बाद ये अधिकार उनसे छिन जाएगा।
ओवैसी ने दावा किया कि 2015 का रिकॉर्ड बताता है कि इस कानून के तहत हिंदू भाइयों को 3065 करोड़ रुपये की टैक्स छूट मिली थी। उन्होंने ये भी दावा किया कि गोद लेने में भी हिंदुओं को छूट मिली है।
आरएसएस पर साधा निशाना
ओवैसी ने कहा कि यूसीसी से सिर्फ मुसलमानों को ही नहीं बल्कि दूसरों का ज्यादा नुकसान होगा। अगर आरएसएस ये सोच रही है कि इससे सिर्फ मुल्ला जी लोगों को निशाना बनाएंगे तो आप हमारे नाम पर किसी और का नुकसान कर रहे हैं।
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