पूरे देश में इन दिनों UCC पर बहुत ही विवाद चल रहा हैं। कांग्रेस समेत ज्यादातर विपक्ष इसके विरोध में खड़े है तो वहीं बीजेपी इसे लाने पर विचार कर रही हैं। इसी कड़ी में नोबेल पुरस्कार विजेता अमर्त्य सेन ने कहा है कि, भारत में सामान्य नागरिक संहिता लागू करना काफी मुश्किल भरा काम है। इसके लिए काफी मेहनत चाहिए। UCC हिंदू राष्ट्र की थ्योरी से मेल खाता है।
UCC को लागू करने में देरी नहीं करना चाहिए - अमर्त्य सेन
नोबल पुरस्कार विजेता अमर्त्य सेन एक जाने-माने अर्थशास्त्री भी हैं। आपको बता दें कि, अमर्त्य को भारत रत्न से भी सम्मानित किया गया हैं। उन्होंने कहा कि, भारत में अनेक भिन्नताएं हैं। भारत में कई सारे धर्म हैं। कई रीति-रिवाज हैं। हमें इसे हटाना चाहिए और हमें उन मतभेदों को दूर करके एकजुट करने की जरूरत हैं। वहीं आगे पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि, सामान्य नागरिक संहिता को लागू करने में देरी नहीं करना चाहिए।UCC हिंदू राष्ट्र की थ्योरी से मेल खाता है
वहीं आगे हिंदू राष्ट्र और सामान्य नागरिक संहिता के बीच समानता के सवाल का जबाव देते हुए अमर्त्य सेन ने कहा कि, हां हिंदू राष्ट्र की UCC से संबंध हैं, लेकिन प्रगति के लिए केवल हिंदू राष्ट्र ही एकमात्र रास्ता नहीं हैं। उन्होंने कहा कि, UCC हिंदू राष्ट्र की थ्योरी से मेल खाता है, इसे लागू करने में देरी नहीं करना चाहिए।जानिए क्या है UCC
यूनिफॉर्म सिविल कोड का अर्थ होता है भारत में रहने वाले हर नागरिक के लिए एक समान कानून होना, चाहे वह किसी भी धर्म या जाति का क्यों न हो। समान नागरिक संहिता में शादी, तलाक और जमीन-जायदाद के बंटवारे में सभी धर्मों के लिए एक ही कानून लागू होगा। इसका अर्थ है एक निष्पक्ष कानून, जिसका किसी धर्म से कोई ताल्लुक नहीं है।Read More: लालू यादव ने दी PM मोदी को धमकी, बोले - जब तू ना रहबा तब का होई...
Comments (0)