RSS चीफ मोहन भागवत ने कहा है कि, विश्व अभी भी बहुत सारे सवालों का जवाब नहीं ढूंढ पाई हैं और अब सोचती है कि, भारत उनका समाधान हासिल करवा सरका हैं, लेकिन भारत क्या उन सवालों का जवाब देने के लिए तैयार हैं? उन्होंने आगे कहा कि, क्या हम यह जानते हैं कि, हमें एक ऐसा देश बनाने की जरूरत जो मुद्दों का जवाब दे सके। भागवत ने कहा कि, भारत को बुद्धजीवी क्षत्रियों (योद्धाओं ) की जरूरत है।
छत्रपति शिवाजी ने आक्रामणों को जवाब दिया था
उन्होंने आगे कहा कि, आज के समय में समाज को दिशा दिखाने के लिए आदर्श राजा का स्वरूप स्थापित करना जरूरी है। समर्थ रामदास भगवान राम के बाद छत्रपति शिवाजी महाराज को आदर्श राजा मानते थे। भागवत ने कहा कि, समर्थ रामदास जब अस्तित्व में आए थे तब से ही उनका समय आक्रामणों से भरा रहा हैं। छत्रपति शिवाजी महाराज ने उन आक्रामणों को करारा जवाब दिया था।धर्म की रक्षा का मतलब केवल लड़ने से नहीं हैं
RSS चीफ ने इस दौरान अपनी बात पर जोर देते हुए कहा कि, लड़ना धर्म की रक्षा का केवल एक पहलू हैं, मगर धर्म की रक्षा का मतलब केवल लड़ने से नहीं हैं। इसका मतलब है प्रतिकार करा, उन्होंने आगे कहा कि, लोगों का ज्ञानवर्धन करना, रिसर्च करना और अभ्यास करना भी धर्म की रक्षा के तरीके हैं। भागवत ने कहा कि, अब समय बदल गया हैं, लेकिन हम अभी भी एक ही प्रकार के मुद्दे का सामना कर रहे हैं।Read More: भोपाल कलेक्टर आशीष सिंह ने शासकीय स्कूल के निरीक्षण के दौरान लापरवाही पर दिखाई सख्ती
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