कर्नाटक में कोविड-19 के सब-वेरिएंट जेएन.1 के बढ़ रहे मामलों के बीच सरकार अलर्ट मोड पर आ गई है। राज्य सरकार की कोरोनावायरस को लेकर बनाई गई सब-कमेटी ने मंगलवार (27 दिसंबर) को निवारक निर्देश जारी किए। एहतियाती उपायों में कोविड के नियमों का पालन करना, जैसे सार्वजनिक जगहों पर मास्क पहनना, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना, संक्रमित व्यक्ति का 7 दिनों का आइसोलेशन शामिल हैं।
नए साल के जश्न पर नहीं लगेगा प्रतिबंध
मंगलवार को सरकार की सब-कमेटी ने बुजुर्गों और पहले से किसी बीमारी से जूझ रहे लोगों को 'प्रीकॉशनिरी वैक्सीन' एहतियात के तौर पर वैक्सीन लगाने की सलाह दी। इस काम को पूरा करने के लिए कर्नाटक ने केंद्र सरकार से कॉर्बिवैक्स वैक्सीन की 30 हजार डोज खरीदने का फैसला किया है। हालांकि, स्वास्थ्य मंत्री दिनेश गुंडु राव ने कहा है कि सरकार नए साल के जश्न पर किसी भी तरह का प्रतिबंध नहीं लगा रही है। इस संबंध में गाइडलाइंस जारी की जाएगी।जरूरत पड़ने पर की जा सकती है बच्चों की टेस्टिंग
स्वास्थ्य मंत्री गुंडु राव ने कहा, 'ये गाइडलाइंस के तहत सभी को मास्क लगाने की सलाह दी जाती है। खासतौर उन लोगों के लिए तो ये बेहद जरूरी है, जिनकी उम्र 60 साल से ज्यादा है और जो पहले से किसी बीमारी से जूझ रहे हैं। जिन बच्चों को जुकाम, बुखार जैसे लक्षण हैं। उन्हें स्कूल नहीं भेजा जाए और घर पर ही उनकी निगरानी की जाए।' स्वास्थ्य मंत्री ने आगे कहा कि जरूरत पड़ने पर बच्चों की टेस्टिंग भी जा सकती है।कैजुअल लीव के लिए जारी की जाएगी गाइडलाइन्स
कर्नाटक स्वास्थ्य मंत्री ने इस बात पर भी जोर दिया कि अगर कोई व्यक्ति कोविड से संक्रमित हो गया है। उसे अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत भी नहीं है। तो वह एक हफ्ते तक घर पर ही आइसोलेशन में रहे। मंत्री ने कहा, 'जो लोग होम आइसोलेशन में हैं और सरकारी या गैर-सरकारी सेक्टर में काम कर रहे हैं। उन्हें एक हफ्ते के लिए अनिवार्य रूप से कैजुअल लीव दी जानी चाहिए। जिन लोगों को अस्पताल में भर्ती होना पड़ा है। उन्हें इस दौरान के लिए स्पेशल लीव दी जाए। इस संबंध में गाइडलाइंस जारी की जाएगी।'Read More: राहुल गांधी करेंगे 'भारत न्याय यात्रा', मणिपुर से 14 जनवरी से होगी शुरुआत
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