प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस बार 11वीं बार अजमेर शरीफ दरगाह पर चादर चढ़ाएंगे। उनकी तरफ से केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू 4 जनवरी को ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह पर चादर चढ़ाएंगे। इस बीच हिंदू सेना ने प्रधानमंत्री की तरफ से अजमेर शरीफ में चादर चढ़ाने का विरोध किया है। उनका दावा है कि ये दरगाह असल में संकट मोचन महादेव मंदिर है। संगठन के अध्यक्ष विष्णु गुप्ता ने पीएमओ में प्रिंसिपल सेक्रटरी को खत लिखकर मांग की है कि दरगाह में पीएम की तरफ से चादर चढ़ाने के कार्यक्रम को तबतक के लिए सस्पेंड किया जाए जबतक कि दरगाह-मंदिर का मामला अदालत में लंबित है।
अजमेर शरीफ में ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती का सालाना उर्स 28 दिसंबर से शुरू हो चुका है। प्रधानमंत्री मोदी ने पिछली बार भी दरगाह पर चादर भेजी थी जिसका रंग भगवा था। तब बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा के राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष जमाल सिद्दीकी ने पीएम की तरफ से दरगाह पर चादर चढ़ाई थी। उससे पहले तब के अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी प्रधानमंत्री मोदी की तरफ से चादर चढ़ाने जाते थे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह पर 11वीं बार चादर चढ़ाएंगे। उनकी तरफ से चादर चढ़ाने की जिम्मेदारी केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू निभाएंगे। इस कार्यक्रम का हिंदू सेना ने विरोध किया है।
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