आज 9 अप्रैल को देश में बाघों की ताजा आबादी के के नए आंकड़े सामने आगए हैं। प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने प्रोजेक्ट टाइगर की 50 वीं वर्षगांठ मनाने के लिए मैसूरु में एक विशाल समारोह में बाघों के नवीनतम आंकड़े जारी किए। ताजा आंकड़ों के मुताबिक, देश में बाघों की आबादी 3000 को पार कर गई है। पीएम मोदी ने कहा कि भारत में 3167 बाघ हैं।
The number of big cats is rebounding!
— BJP (@BJP4India) April 9, 2023
The positive results of India's wildlife conservation efforts... pic.twitter.com/jinD8gFGqB
लगातार बढ़ रही है बाघों की आबादी (PM Modi)
भारत ने 5 दशक पहले 1 अप्रैल, 1973 को बाघों को बचाने की सबसे बड़ी मुहिम शुरू की थी। इसका नाम प्रोजेक्ट टाइगर रखा गया था। तब से देश में बाघों की आबादी लगातार बढ़ रही है। आज पूरी दुनिया में बाघों की संख्या का 70 फीसदी भारत में निवास कर रहा है। हर साल यह आबादी 6 फीसदी की दर से बढ़ रही है।
गिनती करने का तरीका
प्रोजेक्ट की शुरुआत में इसमें 9 टाइगर रिजर्व को शामिल किया गया था। आज 50 सालों के बाद यह 53 टाइगर रिजर्व में फैला हुआ है, जो 75,000 वर्ग किमी का क्षेत्र कवर करता है। 1973 में जब प्रोजेक्ट शुरू हुआ था तो वन विभाग के कर्मचारी बाघों के पदचिह्नों के निशान के लिए ग्लास और बटर पेपर का इस्तेमाल किया करते थे। आपको ये जानकर हैरानी होगी कि इंसान की तरह ही हर बाघ का अपना यूनीक फुटप्रिंट होता है। बाघों को ट्रैक करने में यह बहुत मददगार होता है।
गिनती करने का तरीका बदला
सालों की प्रैक्टिस के बाद बाघों की गिनती के तरीके में विकास हुआ और वन विभाग के कर्मचारी कैप्चर-मार्क-एंड-रीकैप्चर मेथड का इस्तेमाल करने लगे हैं। इसमें बड़े पैमाने पर सैंपल इकठ्ठा किए जाते हैं, जिसके आधार पर बाघों की संख्या का अनुमान लगाया जाता है।
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