भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) डीवाई चंद्रचूड़ ने आज न्यायमूर्ति उज्ज्वल भुइयां और न्यायमूर्ति एस वेंकटनारायण भट्टी को सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में शपथ दिलाई। जस्टिस भुइयां और भट्टी के शपथ ग्रहण के साथ, सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या सीजेआई सहित 32 हो गई है।
केंद्र सरकार ने 12 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों के रूप में पदोन्नति के लिए तेलंगाना उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति भुइयां और केरल में उनके समकक्ष न्यायमूर्ति भट्टी के नामों को मंजूरी दे दी थी।
12 जुलाई को जारी हुई अधिसूचना
केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्रालय द्वारा 12 जुलाई को जारी अधिसूचना में कहा गया कि राष्ट्रपति ने भारत के संविधान के अनुच्छेद 124 के खंड (2) द्वारा प्रदत्त शक्तियों के तहत न्यायमूर्ति उज्ज्वल भुइयां और न्यायमूर्ति एस वेंकटनारायण भट्टी को नियुक्त किया है। कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से वे सुप्रीम कोर्ट के जज होंगे। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम के नामों की अनुशंसा करने के एक हफ्ते के भीतर केंद्र ने मंजूरी दे दी।
कौन है जस्टिस भुइयां
जस्टिस भुइयां का जन्म 2 अगस्त 1964 को हुआ था। उन्हें 2011 में गौहाटी हाई कोर्ट के जज के रूप में नियुक्त किया गया था। वह अपने हाई कोर्ट के सबसे वरिष्ठ जज थे और सुप्रीम कोर्ट आने से पहले वह 28 जून 2022 से तेलंगाना हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस के रूप में कार्यरत थे।
जस्टिस भट्टी केरल HC के थे चीफ जस्टिस
सुप्रीम कोर्ट में प्रमोशन से पहले जस्टिस एस. वेंकटनारायण भट्टी केरल हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस के रूप में कार्यरत थे। 6 मई 1962 को जन्मे जस्टिस भट्टी को 2013 में आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट के जज के रूप में नियुक्त किया गया था और वह अपने मूल हाई कोर्ट में सबसे वरिष्ठ हैं।
Read More: पीएम नरेंद्र मोदी को मिला फ्रांस का सर्वोच्च सम्मान, ‘ग्रैंड क्रॉस ऑफ द लीजन ऑफ ऑनर’ से किया गया सम्मानित
Comments (0)