नई दिल्ली, दिल्ली हाई कोर्ट ने नई दिल्ली रेलवे स्टेशन में हुई भगदड़ पर केंद्र और रेलवे को कड़ी फटकार लगाई है। इस हादसे में 18 लोगों की मौत हो गई थी। मुख्य न्यायाधीश डी. के उपाध्याय और न्यायमूर्ति तुषार राव गेडेला की खंडपीठ ने पूछा कि रेलवे एक कोच में क्षमता से अधिक टिकट क्यों बेच रहा है। अदालत ने केंद्र और रेलवे से जवाब मांगा है।
अदालत रेलवे अधिनियम की एक धारा को लागू करने के लिए सुरक्षा उपायों पर एक जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी। यह धारा प्रति कोच यात्रियों की संख्या सीमित करती है। बिना अधिकार प्रवेश करने वालों को 6 महीने की जेल की सजा का प्रावधान भी है। यह नियम धारा 147 में है, जिसमें 1,000 रुपये के जुर्माने का भी प्रावधान है।
कोर्ट ने लगाई लताड़
कोर्ट ने कहा, 'अगर आप एक साधारण सी बात को सही तरीके से लागू करते, तो दिल्ली रेलवे स्टेशन पर भगदड़ की स्थिति से बचा जा सकता था।' अदालत ने माना कि 'भीड़-भाड़ वाले दिनों में रेलवे तय सीमा से अधिक यात्रियों को बैठा सकती है। लेकिन, अधिकतम बैठने की क्षमता को लागू करना 'उपेक्षित' लगता है। बेचे गए टिकटों की संख्या बर्थ की संख्या से अधिक क्यों थी? यह एक समस्या है।'
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