नई दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने अमेरिका में अपनी उच्च शिक्षा के खर्च और संगठन की फंडिंग को लेकर आरटीआई (RTI) के जरिए उठाए गए सवालों का जवाब दिया है। पत्रकार बरखा दत्त को दिए साक्षात्कार में दीपके ने बोस्टन विश्वविद्यालय से 2024 से 2025 के दौरान मिली स्कॉलरशिप के दस्तावेज दिखाए और बताया कि बाकी खर्च के लिए उन्होंने एजुकेशन लोन लिया था, जिसकी किस्तें वे अब चुका रहे हैं।
सरकारी कर्मचारी पिता की आय पर उठे थे सवाल
सूरत के सामाजिक कार्यकर्ता और आरटीआई एक्टिविस्ट अमित तिवारी ने 1 अगस्त को सवाल उठाया था कि महाराष्ट्र इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन में 60 से 65 हजार रुपये मासिक वेतन पाने वाले जूनियर इंजीनियर भगवानराव दीपके ने अपने बेटे को विदेश कैसे भेजा। उन्होंने दीपके परिवार के वित्तीय स्रोतों, सीजेपी के पंजीकरण और उसके फंड की जांच की मांग को लेकर चुनाव आयोग तथा केंद्रीय जीएसटी अधिकारियों से शिकायत की थी।

कपिल सिब्बल से मिली वित्तीय मदद पर विवाद
दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्र आंदोलन और 20 जुलाई के संसद मार्च के दौरान कई प्रदर्शनकारियों पर दर्ज मुकदमों की कानूनी लड़ाई के लिए वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने सीजेपी को 1 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता दी थी। इस पर भी आरटीआई कार्यकर्ता ने सवाल खड़े किए थे कि क्या गैर-पंजीकृत संगठन को इस तरह फंडिंग दी जा सकती है।
विदेशी फंडिंग से इनकार, क्राउडफंडिंग का ऐलान
अभिजीत दीपके ने विदेशी फंडिंग के आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा कि आंदोलन के दौरान आम लोगों ने भोजन और पानी की बोतलों से मदद की थी। उन्होंने कहा कि पुलिस के कुछ कर्मियों ने भी अपनी पहचान छिपाकर सहायता की थी। सीजेपी प्रवक्ता वैष्णवी गौर ने आरटीआई कार्यकर्ता पर निशाना साधते हुए पीएम केयर्स फंड पर भी ध्यान देने की बात कही। दीपके ने स्पष्ट किया कि कानूनी और संगठनात्मक खर्चों के लिए पार्टी आने वाले दिनों में आम जनता से पारदर्शी तरीके से क्राउडफंडिंग (Crowdfunding) की अपील करेगी।