डीआरडीओ के साइंटिस्ट प्रदीप कुरुलकर पर एटीएस की चार्जशीट में बेहद चौंकाने वाले खुलासे किए गए है। प्रदीप पर आरोप है कि उन्होंने पाकिस्तान के साथ खुफिया जानकारी साझा की है।
चार्जशीट में हुए कई बड़े खुलासे
हनी ट्रैप में फंसे डीआरडीओ के साइंटिस्ट प्रदीप कुरुलकर पर एटीएस की चार्जशीट ने बड़ा खुलासा किया है। एटीएस ने 30 जून को विशेष अदालत में एक चार्जशीट सौंपी थी जिसमें कहा गया था कि प्रदीप पाकिस्तानी महिला खुफिया ऑपरेटर के साथ भारत के ड्रोन, मिसाइल और रोबोटिक्स कार्यक्रमों से जुड़ी हुई जानकारी साझा करता था। दरअसल रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रदीप का रुझान पाकिस्तान की महिला एजेंट के प्रति था। जिसके चलते प्रदीप ने भारत के डिफेंस प्रोजेक्ट के अलावा भारतीय मिसाइल सिस्टम संबंधित जानकारी भी पाकिस्तानी एजेंट को दे दी थी। महिला एजेंट ने प्रदीप को अपना नाम जारा दासगुप्ता बताया था। इतना ही नहीं प्रदीप के संपर्क में आने के लिए जारा ने दो अलग-अलग नामों से फेक आईडी बनाई थी।जून से थे एक दूसरे के संपर्क में
एटीएस के मुताबिक साइंटिस्ट प्रदीप और पाकिस्तानी एजेंट जून से एक दूसरे के संपर्क में आए थे। और दोनों के बीच दिसंबर 2022 तक बातचीत का सिलसिला जारी रहा था। आगे चार्जशीट में यह भी कहा गया है कि प्रदीप और जारा व्हाट्सएप मैसेजिंग के साथ-साथ वॉइस और वीडियो कॉल के माध्यम से भी एक दूसरे से बात करते थे। जारा प्रदीप को हनी ट्रैप में फंसाने के लिए उनको अश्लील मैसेजेस और वीडियो संदेश भी भेजा करती थी। आपको बता दें कि डीआरडीओ द्वारा जांच शुरू करने के ठीक पहले ही प्रदीप ने जारा को फरवरी 2023 में ब्लॉक कर दिया था। प्रदीप कुरूलकर डीआरडीओ के एक वरिष्ठ वैज्ञानिक है। और वह डीआरडीओ के कई अहम प्रोजेक्ट का हिस्सा भी रह चुके हैं।Read More: “पीएम मोदी का तेलंगाना दौरा, वारंगल के भद्रकाली मंदिर में की पूजा अर्चना
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