नई दिल्ली। इबोला वायरस के बढ़ते खतरे को देखते हुए भारत सरकार ने अंतरराष्ट्रीय हवाई यात्रियों की स्वास्थ्य निगरानी को और मजबूत बनाने के लिए ‘Air Suvidha 2.0’ पोर्टल लॉन्च किया है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (DIAL) के सहयोग से गुरुवार को इस उन्नत और पूरी तरह कॉन्टैक्टलेस हेल्थ सेल्फ-डिक्लेरेशन सिस्टम की शुरुआत की।
सरकार के अनुसार, यह कदम विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (DRC) और युगांडा में फैले इबोला/बुंडिबुग्यो वायरस रोग को अंतरराष्ट्रीय चिंता की सार्वजनिक स्वास्थ्य आपात स्थिति (PHEIC) घोषित किए जाने के बाद उठाया गया है।
यात्रा से पहले भरना होगा हेल्थ फॉर्म
नए सिस्टम के तहत भारत आने वाले सभी अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को यात्रा से पहले ऑनलाइन हेल्थ सेल्फ-डिक्लेरेशन फॉर्म भरना होगा। इसमें पिछले 21 दिनों की यात्रा का विवरण, संभावित संक्रमण संपर्क और स्वास्थ्य संबंधी जानकारी देनी होगी। यह प्रक्रिया इमिग्रेशन क्लियरेंस से पहले पूरी करना अनिवार्य होगी।
कई एजेंसियों से जुड़ेगा डेटा
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के तहत डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ हेल्थ सर्विसेज (DGHS) के सहयोग से विकसित यह पोर्टल यात्रियों की जानकारी को रियल-टाइम में एयरपोर्ट हेल्थ ऑफिसर, ब्यूरो ऑफ इमिग्रेशन, इंटीग्रेटेड डिजीज सर्विलांस प्रोग्राम (IDSP) और राज्य निगरानी अधिकारियों के साथ साझा करेगा। इससे संक्रमण के जोखिम वाले यात्रियों की पहचान तेजी से हो सकेगी और समय रहते निगरानी, जांच तथा अन्य आवश्यक स्वास्थ्य उपाय किए जा सकेंगे।
24 घंटे पहले तक भर सकेंगे फॉर्म
अधिकारियों ने बताया कि यात्री भारत पहुंचने से 24 घंटे पहले तक Air Suvidha Self Declaration Form भर सकते हैं। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे उड़ान में सवार होने या वेब चेक-इन के दौरान ही फॉर्म भर लें, ताकि एयरपोर्ट पर प्रक्रिया तेज और आसान हो सके।
कागजी प्रक्रिया से मिलेगी राहत
Air Suvidha 2.0 पूरी तरह डिजिटल और कॉन्टैक्टलेस व्यवस्था है। फॉर्म भरने के बाद यात्रियों को केवल डाउनलोड किया गया सेल्फ-डिक्लेरेशन फॉर्म एयरपोर्ट हेल्थ डेस्क या इमिग्रेशन काउंटर पर दिखाना होगा। इससे कागजी कार्यवाही कम होगी और आगमन प्रक्रिया अधिक सुगम बनेगी। सरकार का कहना है कि यह नई व्यवस्था यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ संभावित स्वास्थ्य जोखिमों की समय रहते पहचान और रोकथाम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।