पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने ‘एक से श्रेष्ठ’ अभियान के 5 साल पूरे होने और 650 केंद्र स्थापित होने पर अभियान से जुड़े सभी सदस्यों को बधाई दी।उन्होंने बताया कि हिमाचल के 5 जिलों में जरूरतमंद परिवारों के 12 हजार से अधिक बच्चों को स्कूल के बाद मुफ्त कोचिंग दी जा रही है, जिसमें 700 से अधिक शिक्षक योगदान दे रहे हैं।
‘सबको शिक्षा, सबका विकास’ को बनाया संकल्प
पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर ‘एक से श्रेष्ठ’ अभियान को लेकर पोस्ट साझा किया। उन्होंने अभियान के उद्देश्य को ‘सबको शिक्षा, सबका विकास’ के संकल्प से जोड़ते हुए इसकी उपलब्धियों का उल्लेख किया।उन्होंने अभियान के 5 साल पूरे होने और 650 केंद्रों का आंकड़ा पार करने पर इससे जुड़े सभी लोगों को शुभकामनाएं दीं।
5 जिलों में 650 केंद्रों के जरिए बच्चों को मुफ्त कोचिंग
पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर के मुताबिक पिछले 5 वर्षों से ‘एक से श्रेष्ठ’ अभियान के तहत हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर, बिलासपुर, ऊना, कांगड़ा और मंडी जिलों की विभिन्न पंचायतों में 650 केंद्र स्थापित किए गए हैं।इन केंद्रों पर जरूरतमंद परिवारों के बच्चों को स्कूल के बाद निशुल्क कोचिंग उपलब्ध कराई जा रही है।
700 से अधिक शिक्षक बच्चों के भविष्य को दे रहे दिशा
अभियान के तहत 700 से अधिक कार्यकुशल शिक्षक बच्चों को पढ़ाने में योगदान दे रहे हैं। अनुराग सिंह ठाकुर ने बताया कि इस टीम में अधिकांश शिक्षक महिलाएं हैं।इन शिक्षकों के माध्यम से 12 हजार से अधिक बच्चों को शिक्षा से जोड़ने और उनके भविष्य को बेहतर बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है।
हिमाचल के राज्यपाल का जताया आभार
पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने ‘एक से श्रेष्ठ’ अभियान के 5 साल और 650 केंद्र पूरे होने के अवसर पर आयोजित समारोह में शामिल होने के लिए हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल का भी आभार जताया।उन्होंने कहा कि राज्यपाल का समारोह में पहुंचना अभियान से जुड़े लोगों के लिए उत्साह बढ़ाने वाला रहा।
5 साल की उपलब्धि पर अभियान से जुड़े लोगों को बधाई
पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने इस अभियान से जुड़े सभी सदस्यों को धन्यवाद देते हुए कहा कि 5 वर्षों में 650 केंद्रों का कीर्तिमान हासिल करना सामूहिक प्रयास का परिणाम है।उन्होंने अभियान से जुड़े शिक्षकों और अन्य सदस्यों को इस उपलब्धि के लिए हार्दिक शुभकामनाएं दीं।