नई दिल्ली. राष्ट्रीय राजधानी में ई-20 पेट्रोल नीति के विरोध को लेकर आम आदमी पार्टी द्वारा प्रस्तावित प्रदर्शन मंगलवार को राजनीतिक और प्रशासनिक गतिविधियों का केंद्र बन गया। पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में प्रधानमंत्री आवास तक मार्च की घोषणा के बीच दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन शुरू होने से पहले ही पार्टी मुख्यालय के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी। बड़ी संख्या में दिल्ली पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के जवानों की तैनाती की गई, जबकि फिरोजशाह रोड पर बैरिकेडिंग कर यातायात को भी नियंत्रित किया गया। प्रशासन का कहना था कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने और लागू सुरक्षा प्रावधानों के पालन के लिए यह कदम उठाया गया।
बिना अनुमति प्रस्तावित मार्च पर पुलिस ने जताई आपत्ति
दिल्ली पुलिस के अधिकारियों के अनुसार प्रस्तावित मार्च के लिए औपचारिक अनुमति नहीं ली गई थी। पुलिस सूत्रों का कहना है कि लगभग सौ लोगों के इस जुलूस के संबंध में न तो कोई विधिवत आवेदन प्राप्त हुआ और न ही प्रशासन की ओर से इसकी स्वीकृति प्रदान की गई। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय राजधानी में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 प्रभावी है, जिसके अंतर्गत प्रधानमंत्री आवास की ओर किसी भी प्रकार के जुलूस अथवा प्रदर्शन पर प्रतिबंध लागू है। इसी आधार पर पुलिस ने मार्च को आगे बढ़ने की अनुमति देने से इनकार कर दिया।
फिरोजशाह रोड पर रोका गया काफिला, समर्थकों ने शुरू किया धरना
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार अरविंद केजरीवाल का काफिला फिरोजशाह रोड तक पहुंचा, जहां पुलिस ने बैरिकेड लगाकर उसे आगे बढ़ने से रोक दिया। इसके बाद आम आदमी पार्टी के समर्थक सड़क पर बैठ गए और वहीं शांतिपूर्ण धरना प्रारंभ कर दिया। कुछ समय के लिए क्षेत्र में यातायात प्रभावित रहा, जबकि सुरक्षा बल लगातार स्थिति पर नजर बनाए रहे। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से निर्धारित कानूनी प्रावधानों का पालन करने और शांति बनाए रखने की अपील की।
धरने के दौरान सरकार पर साधा राजनीतिक निशाना
धरना स्थल पर कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए अरविंद केजरीवाल ने ई-20 पेट्रोल के मुद्दे पर केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना की। उन्होंने कहा कि इस विषय पर व्यापक जनआंदोलन की आवश्यकता है और जनता की आवाज को सरकार तक पहुंचाया जाएगा। अपने संबोधन में उन्होंने अन्य समसामयिक मुद्दों का भी उल्लेख करते हुए केंद्र सरकार पर राजनीतिक टिप्पणी की। उनके वक्तव्य को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई, जबकि विभिन्न दलों की ओर से इस पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आने की संभावना जताई जा रही है।
ज्ञापन सौंपकर समाप्त किया गया प्रदर्शन
करीब एक घंटे तक चले धरने के बाद आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन पुलिस अधिकारियों के माध्यम से प्रशासन तक पहुंचाने का निर्णय लिया। पार्टी नेताओं के अनुसार प्रदर्शन का उद्देश्य अपनी आपत्तियों और सुझावों को सरकार तक पहुंचाना था। ज्ञापन पुलिस वाहन के माध्यम से संबंधित अधिकारियों को सौंपे जाने के बाद धरना समाप्त कर दिया गया और कार्यकर्ता शांतिपूर्वक वहां से लौट गए। पूरे घटनाक्रम के दौरान सुरक्षा एजेंसियां सतर्क रहीं और किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली।
ई-20 पेट्रोल पर बहस के बीच राजनीतिक गतिविधियां हुईं तेज
ई-20 पेट्रोल को लेकर देश में तकनीकी, पर्यावरणीय और आर्थिक पहलुओं पर पहले से ही चर्चा चल रही है। एक ओर सरकार इसे जैव ईंधन के उपयोग को बढ़ावा देने, आयातित ईंधन पर निर्भरता कम करने और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताती रही है, वहीं कुछ राजनीतिक दल और विभिन्न वर्ग इसके प्रभावों को लेकर सवाल उठा रहे हैं। ऐसे में इस मुद्दे पर होने वाले राजनीतिक विरोध और सरकारी पक्ष के बीच संवाद आने वाले दिनों में और तेज हो सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के विषयों पर व्यापक जनजागरूकता, वैज्ञानिक तथ्यों और नीति संबंधी स्पष्ट संवाद से ही संतुलित समाधान की दिशा में आगे बढ़ा जा सकता है।