सेमीकॉन इंडिया 2026 के दूसरे दिन फायरसाइड चैट में अश्विनी वैष्णव ने बताया कि धोलेरा गुजरात स्थित टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स फैब से 2028 में पहला वेफर आने वाला है। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने ऑफिस की दीवार पर एक कील खाली रखी है जो पहले वेफर के आने का इंतजार कर रही है। यह भारत का पहला सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन प्लांट होगा। मंत्री ने बताया कि प्लांट की बड़ी क्षमता पहले से बुक हो चुकी है। सेमीकंडक्टर उद्योग अब क्षमता स्थापित करने से उत्पादन बढ़ाने के चरण में पहुंच गया है।
इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन की प्रगति
इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन के पहले चरण में चयनित 12 प्लांट्स में से पांच एटीएमपी/ओसैट यानी असेंबली टेस्टिंग मेकिंग एंड पैकेजिंग प्लांट्स ने वाणिज्यिक उत्पादन शुरू कर दिया है। ये प्लांट चिप्स की पैकेजिंग और टेस्टिंग कर रहे हैं तथा निर्यात भी कर रहे हैं। भारतीय कंपनियों को भी सप्लाई हो रही है। मंत्री ने कहा कि ये सुविधाएं लागत और गुणवत्ता दोनों में प्रतिस्पर्धा करने में सक्षम हैं। फैब्रिकेशन के बजाय पैकेजिंग और टेस्टिंग पर फोकस से शुरुआती सफलता मिली है। मिशन के तहत इकोसिस्टम तेजी से विकसित हो रहा है।
टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स फैब की तैयारी
धोलेरा स्थित टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स फैब का कमीशनिंग 2028 में होना तय है। अश्विनी वैष्णव ने बताया कि इसकी बड़ी क्षमता पहले से बुक हो चुकी है। यह प्लांट भारत में सेमीकंडक्टर निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा। सरकार की सेमीकंडक्टर योजना 20 साल के रोडमैप पर आधारित है क्योंकि उद्योग जटिल है और फैब के आसपास इकोसिस्टम बनाने में समय लगता है। लंबी अवधि की योजना से स्थिर विकास सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है।
सेमीकॉन 2.0 के छह स्तंभ
सरकार के सेमीकंडक्टर कार्यक्रम के दूसरे चरण सेमीकॉन 2.0 को छह स्तंभों पर आधारित बनाया गया है। इनमें चिप डिजाइन सामग्री और मशीनें अधिक फैब्स अधिक एटीएमपी यूनिट्स अनुसंधान एवं विकास तथा टैलेंट शामिल हैं। इन स्तंभों के जरिए पूरे इकोसिस्टम को मजबूत करने का लक्ष्य है। डिजाइन से लेकर उत्पादन और कुशल मानवशक्ति तक हर पहलू पर ध्यान दिया जा रहा है। सेमीकॉन इंडिया जैसे आयोजनों से वैश्विक कंपनियों और विशेषज्ञों का सहयोग बढ़ रहा है।
भारत के सेमीकंडक्टर सफर की दिशा
अश्विनी वैष्णव के अनुसार देश का सेमीकंडक्टर उद्योग क्षमता निर्माण से उत्पादन बढ़ाने की ओर बढ़ चुका है। पांच प्लांट्स के वाणिज्यिक उत्पादन शुरू होने से आत्मविश्वास बढ़ा है। धोलेरा से पहला वेफर आने के साथ भारत वैश्विक सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की दिशा में आगे बढ़ेगा। 20 साल के रोडमैप और सेमीकॉन 2.0 की योजना से दीर्घकालिक सफलता सुनिश्चित करने का प्रयास है। मंत्री का ऑफिस में खाली कील का प्रतीक इंतजार और प्रतिबद्धता दोनों को दर्शाता है। भारत सेमीकंडक्टर मिशन देश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहा है।