बेंगलुरू: राज्य में अमूल (Amul vs Nandini) के प्रवेश के बाद कर्नाटक मिल्क फेडरेशन के प्रसिद्ध डेयरी ब्रांड नंदिनी को खतरे को लेकर शनिवार को सत्तारूढ़ भाजपा और विपक्षी कांग्रेस व जनता दल (सेक्युलर) के बीच राजनीतिक घमासान शुरू हो गया। विपक्षी दलों ने आरोप लगाया है कि भाजपा सरकार नंदिनी को खत्म करने पर उतारू है। वहीं मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने कहा कि विपक्ष इस मुद्दे का राजनीतिकरण कर रहा है।
भाजपा सरकार नंदिनी ब्रांड खत्म करने पर उतारू: विपक्ष
बोम्मई ने कहा, नंदिनी एक राष्ट्रीय ब्रांड है। यह कर्नाटक तक ही सीमित नहीं है। हमने अन्य राज्यों में भी नंदिनी को एक ब्रांड के रूप में लोकप्रिय बनाया है। अमूल से डरने की कोई जरूरत नहीं है। कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री के सुधाकर ने कहा कि पहले से ही 16 से 18 निजी कंपनियां कर्नाटक में अपने डेयरी उत्पाद बेच रही हैं, लेकिन कांग्रेस ने नंदिनी को कभी याद नहीं किया जब ये ब्रांड राज्य में आए।
ट्वीट कर की राज्य सरकार की आलोचना
इससे पहले दिन में, कांग्रेस महासचिव और कर्नाटक के पार्टी प्रभारी रणदीप सुरजेवाला ने आरोप लगाया कि भाजपा नंदिनी (Amul vs Nandini) को बेचने की कोशिश कर रही है। सुरजेवाला ने ट्वीट किया, कर्नाटक मिल्क फेडरेशन को गुजरात की अमूल को बेचने की भाजपा की साजिश अब साफ हो गई है। जेडीएस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने भी सिलसिलेवार ट्वीट कर इस मुद्दे पर राज्य सरकार की आलोचना की।
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