प्रशांत किशोर ने बिहार के सीएम नीतीश कुमार को लेकर एक बड़ी सियासी भविष्यवाणी की है। उन्होंने कहा है कि, नीतीश कुमार का हाल भी वैसा ही होगा, जो 2019 के दौरान आंध्र प्रदेश में चंद्रबाबू नायडू का हुआ था। प्रशांत किशोर ने आगे यह भी कहा कि, बिहार के सीएम नीतीश कुमार जिस भूमिका में आने की कोशिश कर रहे हैं, बिल्कुल उस तरह की भूमिका में 5 साल पहले चंद्रबाबू नायडू थे।
बिहार में लंगड़ी सरकार चला रही है
प्रशांत किशोर ने इस दौरान कहा कि, वह ( चंद्रबाबू नायडू ) आंध्र प्रदेश में बहुमत से सरकार चला रहे थे। उन्होंने आगे कहा कि, बिहार के सीएम नीतीश कुमार तो 42 विधायकों के साथ बिहार की तीसरी पार्टी हैं और लंगड़ी सरकार चला रहे है। पीके ने सियासी भविष्यवाणी करते हुए कहा कि, चुनाव के बाद चंद्रबाबू नायडू की सियासत का क्या हुआ, ये बात सब जानते हैं। येसा ही हाल सीएम नीतीश कुमार का होगा।
2019 के बाद चंद्रबाबू नायडू सत्ता से बाहर हुए
आपको बता दें कि, साल 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले आंध्र प्रदेश के तत्कालीन सीएम चंद्रबाबू नायडू देश में विभिन्न प्रदेशो का दौरा करके विपक्ष को एकजुट करने में जुटे हुए थे। वहीं, आंध्र प्रदेश में उनकी ही सियासी जमीन खिसक गई। जब लोकसभा चुनाव का परिणाम आया तो उनके केवल 3 सांसद रह गए, और विधानसभा चुनाव में भी महज 23 विधायक ही उनकी पार्टी से जीते और चंद्रबाबू नायडू सत्ता से बेदखल हो गए।
नीतीश कुमार को बिहार की फ़िक्र करनी चाहिए
चुनावी रणनीतिकार से नेता बने प्रशांत किशोर ने कहा कि, बिहार के सीएम नीतीश कुमार को बिहार की फ़िक्र करनी चाहिए। यहां उनका अपना कोई ठिकाना नहीं और वह चले हैं विपक्ष को लामबंद करने। प्रशांत किशोर यहीं नहीं रुके उन्होंने आगे लालू प्रसाद यादव की RJD पर भी कटाक्ष करते हुए कहा कि, जिस पार्टी के एक सांसद नहीं हैं, वह पार्टी देश का प्रधानमंत्री कौन होगा ? यह तय करने का प्रयास कर रही है।
पश्चिम बंगाल में नीतीश कुमार का कोई महत्व नहीं है
वहीं आगे प्रशांत चुनावी रणनीतिकार किशोर ने पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी और बिहार के सीएम नीतीश कुमार की मुलाकात पर भी अपनी प्रतिक्रया देते हुए कहा कि, नीतीश कुमार बंगाल गए थे, वह बताएं कि, क्या ममता बनर्जी, कांग्रेस के साथ काम करने को राजी है। बिहार में लालू और नीतीश ममता को एक भी सीट देंगे। उन्होंने आगे कहा कि, ममता बनर्जी को वह नीतीश कुमार से अधिक अच्छे से जानते हैं। पश्चिम बंगाल में नीतीश कुमार का कोई महत्व नहीं है।
written By- RICHA GUPTA
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