कोलकाता: पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की सरकार बनने के बाद अब पार्टी अपने संगठन को नई राजनीतिक स्थितियों के अनुकूल ढालने के लिए एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने जा रही है। आगामी 16 अगस्त को कोलकाता के न्यू टाउन स्थित विश्व बांग्ला कन्वेंशन सेंटर में राज्यस्तरीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन होगा, जिसमें करीब 350 चुनिंदा पार्टी पदाधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस शिविर में केंद्रीय और राज्य नेतृत्व के शीर्ष नेता उपस्थित रहकर नेताओं और कार्यकर्ताओं को प्रशासनिक व संगठनात्मक तालमेल के गुर सिखाएंगे।
केंद्रीय और राज्य स्तर के दिग्गज नेता होंगे 'शिक्षक'
पार्टी सूत्रों के अनुसार, इस प्रशिक्षण शिविर में बीजेपी के राष्ट्रीय सह-संगठन महामंत्री शिवप्रकाश, पश्चिम बंगाल के केंद्रीय प्रभारी सुनील बंसल और केंद्रीय नेता मंगल पांडे प्रशिक्षक की भूमिका निभाएंगे। इसके अलावा अमित मालवीय भी इस सत्र में मार्गदर्शन दे सकते हैं। वहीं, राज्य स्तर से बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष शमीक भट्टाचार्य, अमिताभ चक्रवर्ती, जगन्नाथ चट्टोपाध्याय और दीपक बर्मन भी प्रशिक्षण सत्र को संबोधित करेंगे। शिविर में सभी जिलों के अध्यक्ष, जिला प्रभारी, राज्य मोर्चे के अध्यक्ष, राज्य कमेटी के सदस्य और पार्टी द्वारा चयनित विधायक हिस्सा लेंगे।

विपक्ष से सत्ता तक: कार्यशैली और आचरण बदलने पर जोर
बीजेपी नेतृत्व का मानना है कि विपक्ष में रहते हुए विरोध प्रदर्शन और आंदोलनों में सक्रिय रहे कार्यकर्ताओं को अब सत्ताधारी दल के रूप में अपनी भूमिका समझनी होगी। प्रशिक्षण के दौरान जन कल्याणकारी योजनाओं के संचालन, सरकार और संगठन के बीच बेहतर समन्वय बनाने और सार्वजनिक आचरण में अनुशासन बनाए रखने पर विशेष बल दिया जाएगा। इसके साथ ही श्यामा प्रसाद मुखर्जी द्वारा भारतीय जनसंघ की स्थापना से लेकर बीजेपी के उदय तक के वैचारिक इतिहास को भी रेखांकित किया जाएगा, ताकि कार्यकर्ताओं में वैचारिक स्पष्टता बनी रहे।
जिला स्तर पर भी होंगे दो दिवसीय आवासीय शिविर
16 अगस्त के इस राज्यस्तरीय शिविर में प्रशिक्षित 350 नेता आगे चलकर जिला स्तर पर प्रशिक्षण की कमान संभालेंगे। आगामी 22 से 30 अगस्त के बीच राज्य के सभी जिलों में एक रात और दो दिन के आवासीय प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जाएंगे। हाल ही में राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद निचले स्तर के कार्यकर्ताओं के आचरण को लेकर सामने आईं शिकायतों के मद्देनजर अनुशासन और जनसंपर्क को मजबूत करने के लिए यह पहल बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।