New Delhi: दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने मानहानि मामले में राजस्थान सीएम अशोक गहलोत (CM Ashok Gehlot) को तलब किया। कोर्ट ने 7 अगस्त उन्हें अदालत में रहने के आदेश जारी किए है। समन स्पेशल PMLA कोर्ट के जज हरजीत सिंग जसपाल ने जारी किया है। मानहानि का ये मामला केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत की ओर से दायर किया गया था। बता दें कि संजीवनी घोटाले में केंद्रीय मंत्री गजेंद्र शेखावत के शामिल होने की बात कहना राजस्थान के सीएम पर भारी पड़ता दिखाई दे रहा है।
संजीवनी घोटाले से जुड़ा है मामला
दरअसल, फरवरी 2023 में सीएम अशोक गहलोत (CM Ashok Gehlot) ने ट्वीट कर गजेंद्र सिंह शेखावत को संजीवनी घोटाले का आरोपी बताया था। उन्होंने कहा था कि एसओजी की जांच में संजीवनी घोटाले के अन्य गिरफ्तार आरोपियों के समान ही गजेंद्र सिंह शेखावत का जुर्म प्रमाणित हुआ है। इसके बाद शेखावत ने दिल्ली कोर्ट में उन्हें बदनाम करने का आरोप लगाकर सीएम अशोक गहलोत के खिलाफ आपराधिक मानहानि का केस दायर किया था। गुरुवार को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने मामले को लेकर सुनवाई की। इसके बाद कोर्ट ने सीएम अशोक गहलोत को समन जारी कर दिया। उन्हें सात अगस्त को कोर्ट में मौजूद रहने का आदेश दिया गया है।
क्या है संजीवनी घोटाला?
प्रदेश में करीब 1 लाख 46 हजार 993 निवेशकों ने संजीवनी क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी में 953 करोड़ रुपए निवेश किए थे। जिनका को-ऑपरेटिव सोसायटी ने दुरुपयोग कर लिया। इस घोटाले के मुख्य आरोपी विक्रम सिंह इंद्रोई सहित कई आरोपियों को एसओजी गिरफ्तार कर चुकी है। प्रदेश में संजीवनी क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी ने 211 शाखाएं खोल रखी थी, जबकि गुजरात में इसकी करीब 26 शाखाएं अलग-अलग जगहों पर खोल रखी थी।
900 करोड़ से ज्यादा का हुआ था घोटाला
बता दें कि संजीवनी क्रेडिट (CM Ashok Gehlot) कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड में 900 करोड़ से ज्यादा का घोटाला हुआ था, जिसमें हजारों लोगों के जीवन की कमाई फंस गई। इस केस की जांच अगस्त 2019 से राजस्थान पुलिस की स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) कर रही हैं। मामले में राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत ने लगातार केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत को घेरा।
Comments (0)