कोलकाता में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ की हत्या के मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने जांच और तेज कर दी है। छह मई को हुई इस सनसनीखेज हत्या के पीछे अब एक बड़े और सुनियोजित षड्यंत्र की आशंका जतायी जा रही है। जांच में सामने आया है कि हत्या के लिए करीब 70 लाख रुपये की सुपारी दी गयी थी। सूत्रों के मुताबिक, इस पूरी साजिश को अंजाम देने के लिए ‘सिग्नल’ मैसेजिंग ऐप का इस्तेमाल किया गया था।
एक महीने पहले रची गयी थी हत्या की साजिश
जांच एजेंसियों का मानना है कि चंद्रनाथ रथ की हत्या की योजना करीब एक महीने पहले तैयार की गयी थी। बताया जा रहा है कि पूरा ऑपरेशन एक बड़े मास्टरमाइंड के इशारे पर चल रहा था, जिसने हत्या का समय और तरीका तय किया था। CBI अब उसी मुख्य साजिशकर्ता तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
अब तक तीन आरोपी गिरफ्तार
इस हाई-प्रोफाइल केस में अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों में उत्तर प्रदेश के बलिया निवासी राज सिंह का नाम प्रमुख है। वहीं, बिहार के बक्सर से मयंक मिश्रा और विक्की मौर्य को पकड़ा गया है। जांच एजेंसियों के अनुसार, यह पेशेवर शूटरों द्वारा अंजाम दी गयी सुपारी किलिंग हो सकती है, जिसमें कम से कम आठ लोगों की संलिप्तता की आशंका है।
CBI की SIT कर रही है गहन जांच
CBI ने मामले की जांच के लिए डीआइजी स्तर के अधिकारी की अगुवाई में सात सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। गुरुवार को जांच टीम बारासात पहुंची और 11 से 12 नंबर रेलगेट के बीच घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। जिस स्थान से हत्या में इस्तेमाल की गयी मोटरसाइकिल बरामद हुई थी, वहां डिजिटल मैपिंग और वीडियोग्राफी करायी गयी। इसके अलावा आसपास के घरों और दुकानों के CCTV फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं। घटना वाले दिन चंद्रनाथ रथ की गाड़ी को रोककर उनपर ताबड़तोड़ गोलियां बरसायी गयी थीं।
राजनीतिक साजिश या निजी दुश्मनी?
CBI अब इस एंगल की भी जांच कर रही है कि हत्या के पीछे कोई निजी रंजिश थी या फिर कोई बड़ा राजनीतिक षड्यंत्र। जांच एजेंसियों का मानना है कि मुख्य साजिशकर्ता की गिरफ्तारी के बाद ही पूरे मामले की असली वजह सामने आ सकेगी।