Jaipur: राजस्थान में विधानसभा चुनाव (Rajasthan Elections 2023) के लिए लगभग-लगभग चुनाव का बिगुल बज चुका है। इसके लिए सभी पार्टियों ने अपने-अपने स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं। लेकिन दो दिन पहले जयपुर में एआईएमआईएम चीफ और हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) ने ऐसा चुनावी भाषण दे दिया कि इसके बाद राजस्थान की सियासत गर्मा गई है।
AIMIM की राजस्थान में एंट्री
एआईएमआईएम राजस्थान के प्रदेश अध्यक्ष जमील खान का कहना है कि प्रदेश की कुल 30-40 सीटों पर तैयारी हो चुकी है। विधानसभा वार तैयारी चल रही है। इसके लिए मेहनत से काम जारी है। उनकी 30 से 40 सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी है। उनका कहना है कि हमारे हिसाब से जो फिट हैं, उन सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी है। वहीं पर बीजेपी और कांग्रेस भी पूरी तैयारी में हैं। इनका कहना है कि उन्हें ओवैसी (Asaduddin Owaisi) की पार्टी से कोई खतरा या नुकसान चुनाव में नहीं होने वाला है।
ओवैसी ने जमील खान को घोषित किया हवामहल से प्रत्याशी
प्रदेश अध्यक्ष जमील खान मानते हैं की जयपुर जिले की कुल चार विधानसभा सीटों पर पूरी तैयारी हो चुकी है। यहां तक की ओवैसी (Asaduddin Owaisi) ने खुद मंच से ही जमील खान को हवामहल से प्रत्याशी भी घोषित कर दिया है। वहीं, सिविल लाइंस, किशनपोल और आदर्शनगर में पार्टी की पूरी तैयारी है। इन सीटों पर अभी कांग्रेस का कब्जा है। ऐसे में इनपर लड़ाई मजबूत मानी जा रही है। क्योंकि, इन सीटों पर बीजेपी भी अपनी दावेदारी ठोक रही है। वहीं जमील ने बताया कि जोधपुर, अजमेर, झुंझुनूं, सीकर, बीकानेर, जैसलमेर, भरतपुर, बाड़मेर, अलवर आदि जिलों में पूरी तैयारी है। आने वाले दिनों में सबकुछ साफ हो जाएगा। अगस्त में ये पूरी तस्वीर साफ हो जाएगी। इन जिलों में कार्यकर्ता मेहनत से जुटे हैं।
कांग्रेस ने ओवैसी पर साधा निशाना
कांग्रेस प्रवक्ता स्वर्णिम चतुर्वेदी का कहना है कि ओवैसी (Asaduddin Owaisi) चुनाव से चार महीने पहले आकर आरोप और प्रत्यारोप लगा रहे हैं। इसकी बजाय वो राजस्थान में जनता के बीच रहते। बाकी दिनों में दिखते ही नहीं। यहां पर बीजेपी को फायदा दिलाने के लिए वो काम कर रहे हैं। ऐसा कई राज्यों में उन्होंने किया था। इसी मकसद से ओवैसी यहां पर आए हैं। पार्टियां यहां पर आती और जाती रहती हैं। राजस्थान का भला करने वाली पार्टी केवल कांग्रेस है। यहां पर कांग्रेस चुनाव में ओवैसी को कोई चुनौती नहीं मानती है। यहां कई पार्टियों का अस्तित्व नहीं है।
Comments (0)