Jaipur: संस्कृति और सभ्यता को बचाने के लिए जयपुर (Rajasthan) के सभीमंदिर प्रबंधनों ने श्रद्धालुओं के लिए एक ड्रेस कोड लागू किया है। इसके तहत भक्तों से शालीन कपड़े पहनने, मिनी स्कर्ट व कटी-फटी जींस आदि पहनने से परहेज करने का आग्रह किया गया है। महाराष्ट्र, केरल की तर्ज पर शहर में पहली बार इस तरह का नियम बनाते हुए शहर के द्रविड़ शैली में बने क्वींस रोड स्थित झाड़खंड महादेव खंड मंदिर प्रबंधन ने गेट पर नोटिस लगाया है।
इस तरह के कपड़े पहनकर मंदिर परिसर में प्रवेश पर लगा प्रतिबंध
नोटिस में श्रद्धालुओं से शालीन कपड़े पहनने और मंदिर परिसर (Rajasthan) में प्रवेश करने से परम्परा अनुरूप कपड़े पहनने का आग्रह किया है। साथ ही हाफ पैंट, बरमूडा शॉर्ट्स, मिनी स्कर्ट, नाइट सूट, कटी-फटी जींस और कैपरी पैंट पर प्रतिबंध लगा दिया है। बब्बू सेठ मेमोरियल ट्रस्ट के अध्यक्ष जयप्रकाश सोमानी ने बताया कि यह एक आदेश नहीं, सलाह है. उन्होंने कहा कि मंदिर में आने वाले सभी भक्तों से अनुशासन बनाए रखने का अनुरोध किया गया है। मन्दिर के मुख्य द्वार पर स्वयंसेवक इसकी विशेष तौर पर निगरानी रखेंगे।
सदाशिव ज्योतिर्लिंग मंदिर में भी लगाया बोर्ड
कूकस स्थित सदाशिव ज्योतिर्लिंग महादेव मंदिर (Rajasthan) में भी इस तरह का बोर्ड लगाया है। विष्णु नाटाणी ने बताया कि इस बदलाव की जरूरत है ताकि संस्कृति की छवि धूमिल न हो। भक्तों को मंदिर में परंपरागत और हिंदू संस्कृति के अनुसार ही कपड़े पहनने चाहिए, जिससे धार्मिक मान्यताएं भी आहत न हो। इससे पहले उदयपुर, वृंदावन, मथुरा, हरिद्वार के कई मन्दिरों में भी ऐसे ही बोर्ड लगाए हैं।
उदयपुर के जगदीश मंदिर में लागू हुआ ड्रेसकोड
उदयपुर के जगदीश मंदिर के लिए ड्रेसकोड लागू हो गया है। मन्दिर मंडल ने नई व्यवस्था लागू की है। नई व्यवस्था के तहत अब छोटे कपड़े पहन कर मंदिर के अंदर आने पर प्रतिबंध होगा। सभी श्रद्धालुओं की जानकारी के लिए मन्दिर मंडल ने पोस्टर और सूचना बोर्ड पर नए नियमों का जिक्र किया है।
दक्षिण भारत के कई मंदिरों में ड्रेस कोड
दक्षिण भारत में ऐसे कई मंदिर हैं, जहां पहले से ही लोगों (Rajasthan) के लिए ड्रेस कोड बनाया हुआ है। वहां महिलाओं को साड़ी और पुरुषों को शर्ट-धोती पहनने पर भी एंट्री मिलती है। महिलाओं और पुरुषों को सनातन धर्म से जुड़ी संस्कृति को समझना चाहिए और मर्यादित कपड़े ही पहनने चाहिए। बता दें, यहां के भी कई मंदिरों में छोटे कपड़े पहनने पर रोक लगा दी है। मतलब आपका शरीर 80% तक ढका होना चाहिए, तभी मंदिर में प्रवेश दिया जाएगा।
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